Chhattisgarh: जेलों में राशन आपूर्ति के नाम पर गड़बड़ी, सीएम विष्णुदेव साय तक पहुंची शिकायत
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में जेलों में राशन आपूर्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है, जिसमें वित्तीय अनियमितता होने की शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री तक पहुंच गई हैं। दरअसल जेल विभाग पर खाद्य व्यापारियों ने लोकसभा चुनाव आचार संहिता के दौरान उचित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना उत्तर प्रदेश की एक कंपनी को ठेका देकर टेंडर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
शिकायत में बताया गया कि उत्तरप्रदेश की एक कंपनी को आपूर्ति का ठेका दिया गया है। इसमें जेल मैनुअल और शर्तों का पालन नहीं किया गया था। एजेंसी भी बिना सब्सिडी के अधिक कीमत में केवल चावल की आपूर्ति कर सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया है, क्योंकि केंद्र सरकार अनाज पर छूट दे रही है। सब्सिडी में चावल 2900 रुपए प्रति क्विंटल में मिल रहा है।

यानि शिकायत पत्र साफ़ कहा गया है की लोकसभा चुनाव आचार संहिता के दौरान जेल विभाग ने खाद्य पदार्थों की खरीदारी के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड से टेंडर जारी कर दिया।
इन सबके बाद भी इसे 1450 रुपए अधिक कीमत देकर जेल विभाग ने 4350 रुपए में प्रति क्विंटल में खरीदा। इसी प्रकार से 6000 रुपए प्रति क्विंटल मिलने वाले चना दाल को 8300 रुपए में खरीदा गया। अचरजपूर्ण बात यह है कि आचार संहिता के दौरान टेंडर और खरीदी-बिक्री पर पूर्णतः रोक रहती है। इसके पश्चात भी टेंडर निकालकर ठेका दिया गया है। बहरहाल व्यापारियों की शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है।
शिकायत करने वाले व्यापारियों के अनुसार केंद्र सरकार चावल ही नहीं, चना दाल, मूंगदाल और आटा में भी छूट दे रही है। चावल सब्सिडी में 2900, चना दाल 6000, मूंगदाल 10700 और आटा 2750 रुपए में मिलता है। इसके पश्चात भी बिना सब्सिडी के जेल में खरीदी की गई है। इसके लिए नेफेड दो फीसदी अतिरिक्त राशि भी ले रहा है। इसी तरह गुड 5100 और चायपत्ती 32400 रुपए प्रति क्विंटल में क्रय किया जा रहा है। इससे पूर्व में चायपत्ती 21000 रुपए और गेंहूू 2700 रुपए में खरीदा जा रहा था।
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