छत्तीसगढ़ को महंगी दवाओं से मिली राहत,जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स ने बचाये 61 करोड़ रुपये से अधिक
छत्तीसगढ़ में अब लोगों को अब महंगी दवाओं से बड़ी राहत मिल रही है। जीवनरक्षक दवाइयां और अन्य महंगी दवाएं अब आधे से भी कम कीमतों पर उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इस पहल पर शुरू की गई श्री धन्वंतरी जेनेरिक म
Shri Dhanwantri Generic Medical Stores छत्तीसगढ़ में अब लोगों को अब महंगी दवाओं से बड़ी राहत मिल रही है। जीवनरक्षक दवाइयां और अन्य महंगी दवाएं अब आधे से भी कम कीमतों पर उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इस पहल पर शुरू की गई श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स योजना से यह संभव हो पाया है।

20 अक्टूबर 2021 को हुई थी श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स योजना की शुरुआत
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर आम लोगों को सस्ती दरों पर दवाइयां और चिकित्सा उपकरण मुहैया कराने के उद्देश्य से श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स योजना की शुरुआत 20 अक्टूबर 2021 को हुई। पहले चरण में नगरीय निकाय क्षेत्र में अब तक 192 श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स का संचालन प्रारंभ हो चुका है। योजना की शुरुआत के बाद 31 अक्टूबर 2022 की स्थिति में 32 लाख 30 हजार 403 उपभोक्ताओं ने श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स पहुंचकर दवाओं की खरीदी की गई है, जिनके 61 करोड़ 80 लाख 59 हजार रुपये से अधिक की बचत हुई है।

50 से 80 प्रतिशत तक कम कीमतों पर मिल रही हैं दवाएं
छत्तीसगढ़ में हर वर्ग के व्यक्ति को सुगम एवं किफायती कीमतों पर दवाएं व चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स का संचालन प्रारंभ किया गया है। जहां आम जनता को दवाइयां व चिकित्सा उपकरण उनके एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) पर न्यूनतम 50 फीसदी और अधिकतम 80 फीसदी तक छूट पर उपलब्ध हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स में विभिन्न तरह की बीमारियों से संबंधित कुल 281 प्रकार की दवाइयां और 27 प्रकार के सर्जिकल उपकरण की बिक्री की जा रही है।
नगरयीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में संचालित अभी 192 श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स का संचालन किया जा रहा है। जहां 31 अक्टूबर 2022 की स्थिति में रिटेल काउंटर व मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के लिए जिला कलेक्टरों द्वारा क्रय की गई दवा खरीदी का कुल एमआरपी 101 करोड़ 94 लाख 6 हजार 124 रुपये रहा है, जिन्हें कुल 40 करोड़ 13 लाख 47 हजार 31 रुपये में विक्रय किया गया है। इस तरह रिटेल काउंटर और एमएमयू खरीदी में उपभोक्ताओं के 61 करोड़ 80 लाख 59 हजार 92 रुपये से अधिक की बचत हुई है।

इन जिलों में इतने स्टोर्स
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में संचालित श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स की जिलावार संख्या को देखें तो रायपुर जिले में 19, गरियाबंद में 04, बलौदाबाजार-भाटापारा में 07, धमतरी में 07, महासमुंद में 06, दुर्ग में 18, बालोद में 08, बेमेतरा में 08, राजनांदगांव में 05, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 03, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 01, कबीरधाम में 06, बिलासपुर में 10, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 02, मुंगेली में 04, कोरबा में 06, जांजगीर-चाम्पा में 09, सक्ती में 06, रायगढ़ में 08, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 05, जशपुर में 05, सरगुजा में 04, बलरामपुर में 05, सूरजपुर में 06, कोरिया में 02, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 05, बस्तर में 03, कोण्डागांव में 03, नारायणपुर में 01, कांकेर में 06, दंतेवाड़ा में 05, सुकमा में 03 और बीजापुर जिले में 02 श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स संचालित हो रहे हैं।

सीएम भूपेश की सोच का नतीजा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार गरीब-से-गरीब व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अनेक प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में जहां सुदूर व दुर्गम इलाकों में मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना शुरू कर साप्ताहिक बाजारों में चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है, तो वहीं नगरीय इलाकों में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के जरिये शहरी क्षेत्रों के झुग्गी बस्तियों में निवासरत लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचायी जा रही है। इन शिविरों में नि:शुल्क जांच, परामर्श के साथ नि:शुल्क दवाइयों का वितरण व पैथोलॉजी टेस्ट तक की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। इसी तरह किशोरी बालिकाओं और महिलाओं को झिझक को समझते हुए दाई-दीदी क्लीनिक में डेडिकेटेड महिला स्टॉफ के जरिये जांच की सुविधा दी जा रही है।
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