छत्तीसगढ़:रेडी टू ईट वितरण मामले में पूर्व CM डॉ रमन सिंह का ट्वीट, कोर्ट का फैसला भूपेश सरकार के लिए सबक

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रायपुर ,28 जनवरी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की तरफ से रेडी टू ईट वितरण के तहत स्व सहायता समूह की महिलाओं से रोजगार छीने जाने सम्बंधी याचिका पर राज्य शासन के आदेश पर को अंतरिम रोक लगाने के बाद विपक्ष ने छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है।

raman singh

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने ट्वीट करते हुए भूपेश सरकार पर तंज कसते हुए महिला स्व सहायता समूहों में काम करने वाली महिलाओं को बधाई दी है। डॉ रमन सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मेरी स्व सहायता समूह की बहनों यह जीत मुबारक! रेडी टू ईट मामले में कोर्ट का फैसला आपके हक की जीत है और असंवेदनशील, अराजक भूपेश बघेल सरकार को सबक है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने आगे लिखा कि मेरी बहनों डॉ. रमन आपके साथ है, आपके हक के लिए इस अहंकारी कांग्रेस सरकार से आरपार की लड़ाई साथ लड़ेगे और जीतेंगे।

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पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अलग बयान जारी करते हुए अपनी बात को विस्तार देते हुए कहा कि कांग्रेस की संवेदनहीन बघेल सरकार ने रेडी टू ईट मध्यान्ह भोजन योजना में लगी 20 हजार बहनों का रोजगार छीनने का पाप किया और राजनीतिक निर्लज्जता दिखाते हुए तीन साल में पांच लाख युवाओं को नौकरी देने का दावा करते हैं। चलाचली के वक्त में भी रोजगार देने की जगह रोजगार छीन रहे हैं। जनता को भ्रमित करने के लिए रोजगार मिशन का झांसा दे रहे हैं। इस सरकार को अदालत के न्याय से सबक लेना चाहिए और न्याय के नाम पर अन्याय की बुरी आदत बदल लेना चाहिए। कांग्रेस की सरकार ने राज्य के हर वर्ग से छल कपट किया है, जिसका दंड भुगतने के लिए वह तैयार रहे।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिये से महिलाओं और बच्चों में वितरित किये जाने वाली रेडी टू ईट भोजन का उत्पादन अब स्वचलित मशीन से करने का फैसला लिया है। बीते साल 22 नवंबर को हुई भूपेश कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को सहमति दी गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले के विरोध में 5 महिला स्व सहायता समूहों ने हाइकोर्ट जनहित याचिका दायर की थी। इसके अलावा ही कई अन्य स्व सहायता समूह की ओर से लगभग 230 याचिकाएं लगाई गई थी,जिसपर हाईकोर्ट ने गुरुवार की सुनवाई करते हुए अंतरिम रोक लगा दी थी।

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