छत्तीसगढ़ सरकार को लगा हाईकोर्ट से झटका, रेडी टू ईट मामले में महिला स्वयं सहायता समूहों को राहत

बिलासपुर, 27 जनवरी। छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार को रेडी टू ईट मामले में हाईकोर्ट से झटका लगा है। रेडी टू इट मामले में शासन के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगाकर महिला स्वयं सहायता समूहों को तात्कालिक तौर पर राहत दी है। रेडी टू इट मामले में छत्तीसगढ़ सरकार के निर्णय को चुनौती देते हुए 5 महिला स्वयं सहायता समूहों की 20 हजार महिलाओं की तरफ से बिलासपुर हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी।

bilaspur high court

इस जनहित याचिका के पहले 230 अलग-अलग रिट पिटीशन भी दायर की गई थीं । गुरुवार को जस्टिस पी सेम कोशी की बेंच में सभी याचिकाओं पर एकसाथ सुनवाई की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने शासन के निर्णय पर आगामी सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। इस रोक के बाद अब स्वयं सहायता समूह आगामी सुनवाई तक बिना किसी रोक के पहले की तरह कार्य कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट इस मामले में अंतिम सुनवाई 3 और 4 मार्च को तय की गई है।

यह भी पढ़ें छत्तीसगढ़ में भी 500 रूपये की दर से LPG देने की मांग,CM बघेल बोले-उत्तराखंड से तुलना ठीक नहीं

गौरलतब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिये से महिलाओं और बच्चों में बांटे जाने वाले रेडी टू ईट का उत्पादन ऑटोमेटिक मशीन से कराने का निर्णय लिया है। बीते साल 22 नवंबर को आयोजित भूपेश कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई था। भूपेश बघेल सरकार का मानना है कि मशीनों से रेडी टू ईट व्यवस्था अपनाने से आहार की व्यवस्था और गुणवत्ता में सुधार होगा । सरकार के इस फैसले का महिला स्वयं सहायता समूहों ने व्यापक स्तर पाए विरोध किया था। शासन ने जब अपना निर्णय नही बदला तो महिला स्वयं सहायता समूहों ने सरकार को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+