Chhattisgarh Flood: भारी बारिश से तबाही, बस्तर में 100 गांव संपर्क से कटे
Chhattisgarh Floods: छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है, जिससे सड़कें जलमग्न हो गई हैं और बस्तर क्षेत्र के कई गांव अलग-थलग पड़ गए हैं। जिला अधिकारियों को संभावित बाढ़ से निपटने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
लगातार बारिश के कारण बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के 100 से ज़्यादा गाँवों का संपर्क टूट गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं। इन इलाकों में कई घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों में मुंगेली, बालोद, कबीरधाम, राजनांदगांव और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दुर्ग, बेमेतरा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बीजापुर में भी भारी बारिश होने की संभावना है।
राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर जिलों के कलेक्टरों और राजस्व अधिकारियों से जलभराव और बाढ़ के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने आपदा प्रबंधन केंद्रों को चौबीसों घंटे चालू रखने और मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ आ गई
सुकमा जिले में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ आ गई और कई जगहों पर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पानी भर गया। अधिकारियों ने जलमग्न सड़कों को पार करने वाले लोगों की सहायता के लिए मोटरबोट और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया। होमगार्ड के जवानों ने सोमवार को चिंतलनार गांव के निवासियों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया।
सुकमा और बीजापुर के बीच सड़क परिवहन बाधित
दंतेवाड़ा और कटेकल्याण, सुकमा और बीजापुर के बीच सड़क परिवहन बाधित हो गया है क्योंकि इन मार्गों पर पुलिया और नालों के ऊपर पानी बह रहा है। इससे दैनिक आवागमन और माल परिवहन पर काफी असर पड़ा है। आपको बता दें कि
इस साल 1 जून से अब तक राज्य में 1050.8 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान बीजापुर जिले में सबसे अधिक 2263.3 मिमी बारिश हुई, जबकि बेमेतरा में सबसे कम 537.0 मिमी बारिश हुई।












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