Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

छत्तीसगढ़ में जीती बीजेपी, अब कौन बनेगा मुख्यमंत्री, रेस में चलने लगे ये 6 नाम

CG Election Results 2023: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। अभी तक 54 सीटों पर आगे चल रही है। जो बहुमत के लिए जरूरी 46 सीट के जादुई आंकड़े से बहुत अधिक है। कांग्रेस 35 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत के साथ ही अब चर्चा इस बात को लेकर भी हो रही है कि अगर परिणाम इसके अनुरूप ही रहे और पार्टी सत्ता में आई तो छत्तीसगढ़ का सीएम कौन बनेगा?

Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में 2003 से 2018 तक, 15 वर्षों तक लंबे सरकार का नेतृत्व करने वाले डॉक्टर रमन सिंह को ही भाजपा सीएम बनाएगी या किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी।

भारतीय जनता पार्टी ने इस बार विधानसभा चुनाव से पहले सीएम उम्मीदवार पद के लिए घोषित करने की बजाय पीएम मोदी का चेहरा आगे कर सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ा था।

सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फॉर्मूला रंग लाया और भारतीय जनता पार्टी अब 5 साल बाद फिर से सरकार बनाने की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रमन सिंह का दावा खारिज तो नहीं किया जा सकता लेकिन ये उतना मजबूत भी नहीं नजर आ रहा।

अब अगर रमन सिंह कम नहीं बनते हैं तो छत्तीसगढ़ में सरकार की कमान संभालने के लिए भारतीय जनता पार्टी किसको आगे करेगी।‌ छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए अरुण साव, सरोज पांडेय से लेकर लता उसेंडी तक, कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं।

1- अरुण साव

छत्तीसगढ़ बीजेपी के अरुण साव अध्यक्ष हैं और सूबे में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव अभियान की अगुवाई की। साल 2003 में जब भारतीय जनता पार्टी पहली बार छत्तीसगढ़ की सत्ता पर काबिज हुई थी, तब भी पार्टी बिना मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किए लड़ी थी। तब चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने जब सरकार बनाई, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह को सीएम पद की जिम्मेदारी सौंप दी थी। इस बार भी बीजेपी अगर सरकार बनाती है तो मुख्यमंत्री चेहरा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव का दावा मजबूत माना जा रहा है।

जातीय समीकरण भी अरुण साव के पक्ष में नजर आ रहे हैं। केवल प्रदेश अध्यक्ष होना भर ही नहीं है। अरुण साव पिछड़ा वर्ग के साहू समाज से आते हैं। साहू समाज छत्तीसगढ़ की सियासत में मजबूत पकड़ रखता है।

2- विजय बघेल
विजय बघेल दुर्ग लोकसभा सीट से सांसद हैं और भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें पाटन सीट से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ उतारा है। विजय रिश्ते में भूपेश के भतीजे लगते हैं। मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ रहे विजय बघेल का नाम भी सीएम की रेस में शामिल माना जा रहा है, बशर्ते वह भूपेश को चुनाव मैदान में हरा दे तब।

3- सरोज पांडेय

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री के लिए सरोज पांडेय का नाम भी रेस में शामिल माना जा रहा है। सरोज पांडेय भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं। सरोज छत्तीसगढ़ में भाजपा का बड़ा चेहरा मानी जाती हैं। वह 2 बार भिलाई की महापौर और विधायक भी रही है। सरोज 2009 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा के लिए निर्वाचित हुई थीं। हालांकि, 2014 की मोदी लहर में भी वह इस सीट से चुनाव हार गई थीं। वह भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

4- लता उसेंडी
लता उसेंडी छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी का बड़ा आदिवासी चेहरा हैं। लता 2003 के चुनाव में कोंडागांव सीट से पहली बार विधायक निर्वाचित हुई थीं। महज 31 वर्ष की उम्र में लता छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री बन गई थीं। वह 2 बार विधायक रही हैं। और 2 ही बार चुनाव हारीं भी। अभी वह भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। लता भारतीय जनता युवा मोर्चा की भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में आदिवासी सीएम की मांग भी समय-समय पर उठती रही है। राज्य गठन के बाद पहले सीएम अजीत जोगी के बाद कोई भी आदिवासी नेता मुख्यमंत्री नहीं बना। लोकसभा चुनाव भी करीब हैं, ऐसे में चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी किसी आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाने का दांव चल सकती है।

5- बृजमोहन अग्रवाल
बृजमोहन अग्रवाल रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से सात बार के विधायक हैं। इस बार वह 8वीं बार विधानसभा पहुंचने के लिए जोर लगा रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल, डॉक्टर रमन सिंह के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। बृजमोहन को रायपुर दक्षिण सीट को भाजपा के अभेद्य किले में तब्दील करने के लिए श्रेय दिया ही जाता है। इनकी गिनती स्वच्छ छवि के सरल-सहज नेताओं में भी होती है।

6- रेणुका सिंह
छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य राज्य है और डॉक्टर रेणुका सिंह इसी समाज से आती हैं। केंद्र सरकार में राज्यमंत्री रेणुका 2003 में पहली बार विधायक निर्वाचित हुई थीं। भारतीय जनता पार्टी ने इस बार रेणुका को भरतपुर सोनहत सीट से चुनाव मैदान में उतारा है और चर्चा है कि पार्टी इन्हें मुख्यमंत्री बना सकती है। रेणुका सिंह जिला पंचायत सदस्य भी रही हैं और छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा में महामंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं। उन्हें संगठन में काम करने का भी अनुभव है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+