छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED की कार्रवाई, पूर्व मंत्री कवासी लखमा गिरफ्तार, कोर्ट ने 7 दिन के रिमांड पर भेजा
Chhattisgarh News: प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ में 2,000 करोड़ रुपए के बड़े शराब घोटाले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार कर लिया है। कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रहते हुए लखमा पर भ्रष्टाचार और अवैध सिंडिकेट में संलिप्तता के गंभीर आरोप हैं।
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ईडी कार्यालय में बुधवार को तीसरी बार पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। लखमा की गिरफ्तारी इस घोटाले की जांच में महत्वपूर्ण मोड़ है। जिसने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। ईडी की मांग पर कोर्ट ने उन्हें 7 दिन की रिमांड पर भेजा है। लखमा अब 21 तारीख तक पुलिस रिमांड पर रहेंगे। इस दौरान उनसे पूछताछ की जाएगी।

ईडी की छापेमारी और जांच की गहराई
दिसंबर 2024 में ईडी ने कवासी लखमा के रायपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इसके बाद लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा को दो बार पूछताछ के लिए बुलाया गया। ईडी ने लखमा से उनकी संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन के विस्तृत विवरण की मांग की।
लखमा ने जांच में सहयोग करने की बात कहते हुए दावा किया था। मैं कानून का सम्मान करने वाला व्यक्ति हूं। ईडी मुझे जितनी बार बुलाएगी। मैं हर बार जाऊंगा। हालांकि तीसरे दौर की पूछताछ के दौरान लखमा अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट को साथ नहीं लाए। जो कि ईडी के निर्देशों का उल्लंघन था। ईडी की इस जांच से यह स्पष्ट होता है कि मामला केवल लखमा तक सीमित नहीं है। बल्कि इसमें आर्थिक लेनदेन की गहरी पड़ताल की जा रही है।
शराब घोटाले की पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान उजागर हुआ था। इसमें आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और व्यवसायी अनवर ढेबर के नेतृत्व में एक अवैध सिंडिकेट के शामिल होने का आरोप है। अनवर ढेबर रायपुर के पूर्व मेयर एजाज ढेबर के भाई हैं।
आरोप है कि यह सिंडिकेट राज्य में शराब के उत्पादन और बिक्री में हेरफेर कर रहा था। जिससे हर महीने करोड़ों रुपए का अवैध मुनाफा कमाया जा रहा था। ईडी ने इस घोटाले से जुड़े कई नेताओं और अधिकारियों की भूमिका का खुलासा किया है। घोटाले में कवासी लखमा पर मंत्री रहते हुए दस्तावेजों पर बिना पढ़े हस्ताक्षर करने और अवैध लेन-देन की जानकारी होने का भी आरोप है।
ईडी कर रही मामले की जांच
शराब घोटाले में पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा की ईडी द्वारा गिरफ्तारी पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि ईडी मामले की जांच कर रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ED द्वारा पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा की गिरफ्तारी पर कहा कि ED में पंजीबद्ध प्रकरण है और उसी प्रकरण के अंतर्गत ED ने गिरफ्तार किया है। प्रकरण में स्पष्टता है और रेड हुई है। जिसमें प्रमाण मिले हैं।
कवासी लखमा के बयान और बचाव
गिरफ्तारी से पहले लखमा ने घोटाले में अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए इसे अशिक्षा और अधिकारियों के निर्देशों के पालन का नतीजा बताया। लखमा ने कहा कि मैं अशिक्षित हूं और अधिकारियों के कहने पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करता था। मुझे घोटाले की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि ईडी का दावा है कि लखमा के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। जो उनकी भूमिका को उजागर करते हैं।
घोटाले की व्यापकता और आरोपियों की सूची
ईडी की जांच में सामने आया है कि इस घोटाले में दो हजार करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई हुई। आरोपियों में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और व्यवसायी अनवर ढेबर के नाम शामिल है। ईडी की छापेमारी और पूछताछ के बाद कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।जिससे इस घोटाले के व्यापक नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
भूपेश बघेल सरकार पर सवाल
इस घोटाले ने छत्तीसगढ़ सरकार की नैतिकता और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पर राज्य के संसाधनों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप लग रहे हैं।
आगे की जांच और संभावित खुलासे
कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद ईडी की जांच और तेज होने की संभावना है। ईडी अब घोटाले में शामिल अन्य प्रमुख आरोपियों और अवैध लेन-देन के सबूत जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। विशेष अदालत में पेशी के बाद नए खुलासों की उम्मीद है। जो मामले की गहराई और दिशा को तय करेंगे।
कवासी लखमा की गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में न्याय की ओर बढ़ाया गया बड़ा कदम है। ईडी की जांच ने इस घोटाले के वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं को उजागर किया है। जिससे राज्य में भ्रष्टाचार पर बड़ी बहस शुरू हो गई है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन पर लंबे समय तक प्रभाव डालने वाली साबित हो सकती है।












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