जन्मदिन पर गिरफ्तारी, 5 दिन की रिमांड: चैतन्य बघेल पर ED का शिकंजा, जानें 2,161 करोड़ के शराब घोटाले की कहानी
Bhupesh Baghel Son Chaitanya Baghel Arrested: छत्तीसगढ़ के भिलाई में शुक्रवार (18 जुलाई) सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी की। इस दौरान ED ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई ₹2,161 करोड़ के कथित शराब घोटाले से जुड़ी है। आज चैतन्य बघेल का जन्मदिन भी है। गिरफ्तारी के बाद चैतन्य बघेल को रायपुर स्थित PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, ED की टीम सुबह करीब 6:30 बजे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की सुरक्षा में तीन वाहनों में पहुंची। यह छापेमारी छत्तीसगढ़ की आबकारी व्यवस्था से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है। ED इस मामले में लंबे समय से जांच कर रही है और यह छापा आर्थिक गड़बड़ियों की कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

ED की इस कार्रवाई को लेकर राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। कांग्रेस ने इसे "राजनीतिक प्रतिशोध" करार दिया है, वहीं भाजपा का कहना है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं।
भूपेश बघेल बोले- 'जन्मदिन का जैसा तोहफा मोदी और शाह जी देते हैं, वैसा कोई नहीं दे सकता'
इस कार्रवाई को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा -"ED आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। मुझे तमनार में अडानी के लिए काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठाना था। लेकिन 'साहेब' ने मेरे भिलाई निवास पर ED भेज दी है।"
भूपेश बघेल ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा,
''जन्मदिन का जैसा तोहफा मोदी और शाह जी देते हैं, वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में और कोई नहीं दे सकता। मेरे जन्मदिन पर दोनों परम आदरणीय नेताओं ने मेरे सलाहकार और दो ओएसडी के घरों पर ईडी भेजी थी। और अब मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापामारी कर रही है। इन तोहफों का धन्यवाद। ताउम्र याद रहेगा।''
बेटे की गिरफ्तारी पर क्या बोले भूपेश बघेल?
अपने बेटे की गिरफ्तारी पर भूपेश बघेल ने कहा,
"कांग्रेस अडानी के खिलाफ लड़ रही है। विपक्ष को दबाने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है। वे अब मेरे बेटे को निशाना बना रहे हैं, ताकि कोई भी अडानी के खिलाफ आवाज न उठा सके। हम न डरेंगे और न झुकेंगे। आज मेरे बेटे को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया है। पिछले साल मेरे जन्मदिन पर मेरे सलाहकार को निशाना बनाया गया था।"
पहले भी चैतन्य बघेल पर ED कर चुकी है कार्रवाई, क्या है शराब घोटाले का पूरा मामला?
इस साल मार्च में भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान करीब 30 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए थे।
ED का दावा है कि चैतन्य बघेल उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने शराब घोटाले से उत्पन्न अवैध धन को प्राप्त किया। एजेंसी के मुताबिक यह कई करोड़ रुपये का आबकारी घोटाला था, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाह, राजनेता और आबकारी विभाग के अधिकारी शामिल थे। इन लोगों ने मिलकर एक 'समानांतर' शराब वितरण प्रणाली बनाई थी।
अधिकारियों का आरोप है कि इस घोटाले में नकली होलोग्राम और बोतलों का इस्तेमाल कर सरकारी दुकानों के माध्यम से बिना हिसाब-किताब की शराब बेची गई, जिससे राज्य सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ। यह पूरा खेल भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान चल रहा था।
इसी मामले में जांच करते हुए ED ने लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल के ठिकानों पर भी छापेमारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, पप्पू बंसल चैतन्य बघेल के करीबी सहयोगी माने जाते हैं।
who is Chaitanya Baghel: कौन हैं चैतन्य बघेल?
🔹 चैतन्य बघेल भारतीय कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे हैं, जो छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अपने पिता की तरह, चैतन्य भी कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं और कथित तौर पर बघेल परिवार के खेती की देखभाल करते हैं। वह पहले रियल एस्टेट के कारोबार से भी जुड़े थे।
🔹 पार्टी के कई अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि चैतन्य ने राजनीति से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है। पार्टी 2018-2023 के बीच उनके औपचारिक राजनीति में प्रवेश पर विचार कर रही थी, जब उनके पिता मुख्यमंत्री थे। हालांकि, किन्हीं अज्ञात कारणों से, इस पर अमल नहीं हो सका।
🔹 इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है, "पिछले साल जब बघेल को राजनांदगांव लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामित किया गया था, तो अटकलें लगाई जा रही थीं कि अगर उनके पिता जीतते हैं तो चैतन्य को पाटन विधानसभा सीट (जिसका प्रतिनिधित्व उनके पिता करते हैं) से मैदान में उतारा जाएगा। लेकिन बघेल के हारने के बाद यह योजना रद्द कर दी गई।"
🔹 चैतन्य बघेल तब सुर्खियों में आए थे जब उन्हें भिलाई में एक कॉलेज के प्रोफेसर पर हमले के सिलसिले में पुलिस ने बुलाया था। पिछले साल 19 जुलाई 2024 की घटना के सिलसिले में उनसे लगभग चार घंटे तक पूछताछ की गई थी। पुलिस के मुताबिक एक स्थानीय सरकारी कॉलेज के 57 वर्षीय प्रोफेसर पर हमलावरों के एक समूह ने कथित तौर पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रोफेसर पर हमला करने वाले कुछ आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें बुलाया था।












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