ओरछा श्री रामराजा सरकार को 46 लाख वसूली नोटिस, मामला हाईकोर्ट में पहुंचा
इनकम टैक्स विभाग और श्रीरामराजा सरकार मंदिर ओरछा के बीच 1 करोड़ 22 लाख, 55,572 रुपए का पेंच फंसा हुआ है। दो साल से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बार-बार मंदिर प्रबंधन को नोटिस थमा देता है। जबकि मंदिर कमेटी की तरफ से तहसीलदार और जिला प्रशासन इस आया को लेकर स्पष्टीकरण दे चुके हैं। बावजूद इसके इनकम टैक्स डिपार्टमेंट छतरपुर मानने को तैयार नहीं है। अब यह मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा कोर कमेटी ने हाई कोर्ट में इस मामले में रिट पिटीशन दायर की है।

विश्वविख्यात श्रीरामराजा सरकार मंदिर ओरछा को इनकम टैक्स विभाग ने 23 अप्रैल 2023 को आयकर के हिसाब-किताब लेने के कलिए लीगल नोटिस भेजा था। इसमें 1,22,55,572 रुपए का हिसाब मांगा था। हालांकि इसके पहले भी नोटिस दिया गया था, जिसका जवाब मंदिर कमेटी की तरफ से तहसीलदार ओरछा ने दिया था। आयकर विभाग अपने नोटिस पर अड़ा हुआ है, जिसके बाद मंदिर कमेटी और प्रबंधन के सदस्य इसे श्रीरामराजा सरकार का अपमान बता रहे हैं। इसी के बाद बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने आयकर विभाग के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया हैं
कमेटी के सदस्यों का कहना है कि वसूली का नोटिस देकर आयकर विभाग ने भगवान राम का अपमान किया है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सदस्यों का कहना है कि रामराजा सरकार मंदिर को आयकर विभाग ने 23 अप्रैल 2023 को आयकर हिसाब-किताब लेने के लिए लीगल नोटिस भेज कर 1 करोड़ 22 लाख 55 हजार 572 रुपए का हिसाब मांगा था। साथ ही 46 लाख रुपए की टैक्स वसूली निकाली, जो न्यायसंगत नहीं है।
याचिका में आयकर विभाग का नोटिस निरस्त कराने की मांग
ओरछा मंदिर की तरफ से हाई कोर्ट में दायर की रिट में द्विवेदी ने मांग करते हुए कहा है कि आयकर विभाग द्वारा दिया गया 46 लाख की वसूली का नोटिस निरस्त कराया जाए। साथ ही नियमावली के तहत कोई भी नोटिस भविष्य में मंदिर को न भेजा जाए।












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