Chhatarpur; कोर्ट ने आयकर दफ्तर की कुर्की का दिया आदेश! खाली कराने के दौरान विवाद की स्थिति
मप्र के छतरपुर में कोर्ट (Court) ने शहर में निजी भवन पर कब्जा कर संचालित हो रहे आयकर कार्यालय को कुर्क करने का आदेश दे डाला। जब कोर्ट मुहर्रर और टीम कुर्की करने पहुंची तो आयकर कार्यालय के अधिकारी सकते में आ गए...

देश में यह अपने तरह का अनूठा मामला हो सकता है। मप्र के छतरपुर कोर्ट ने आयकर कार्यालय की बिल्डिंग को कुर्क करने का आदेश दे दिया। जब कोर्ट की टीम कार्रवाई करने पहुंची तो आयकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। दरअसल आयकर विभाग एक निजी बिल्डिंग पर किराए के भवन की आड़ में 41 साल से कब्जा किए था, कोर्ट ने मकान मालिक के पक्ष में फैसला देते हुए आयकर का दफ्तर ही कुर्क करने का आदेश दे दिया!
सामान्य तौर पर आयकर की कार्रवाईयां और छापेमारी जब-तब सुर्खियां बनती हैं, लेकिन मप्र के छतरपुर में आयकर विभाग के दफ्तर की कुर्की सुर्खियां बन गईं। दरअसल छतरपुर के न्यू कॉलोनी इलाके में बीते 41 साल से एक निजी भवन को किराए से लेकर इनकम टैक्स का कार्यालय संचालित हो रहा था। विभाग ने भवन पर कब्जा ही कर लिया था। मकान मालिक अग्रवाल परिवार ने कोर्ट की शरण ली तो आयकर विभाग के अधिकारी हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। बीते दिनों स्टे समाप्त होने के बाद बुधवार कोर्ट के न्यायाधीश ने आयकर दफ्तर को कुर्क करने का आदेश दे दिया। कोर्ट मुहर्रर व टीम भवन मालिक के साथ कार्रवाई करने पहुंची और कुर्की की कार्रवाई शुरू की तो आयकर दफ्तर में हड़कंप मच गया। बता दें कि यह भवन स्व. गोपालचंद्र अग्रवाल व उनके बेटे रविंद्र और पवित्र और स्वप्निल अग्रवाल का बताया जा रहा है।
आयकर अधिकारी का आरोप, हमें नोटिस, सूचना कुछ भी नहीं दी
छतरपुर में आयकर अधिकारी इरफान खान ने स्थानीय मीडिया के सामने बताया कि हमें भवन खाली करने का कोई नोटिस या सूचना नहीं मिली है। कोर्ट के लोग व भवन मालिक जो वारंट दिखा रहे थे, उसमें 26 तारीख की पेशी है। सभी अचानक से कार्यालय के भवन में आए और खाली कराने लगे। आयकर अधिकारी खान के अनुसार हमारे यहां क्षेत्र के सभी व्यापारियों, कारोबारियों सहित आयकर दाताओं की अहम व गोपनीय जानकारियां, महत्वपूर्ण फाइलें होती हैं। इन्हें व ऑफिस का सामान लेकर कहां जाएंगे। उन्होंने कैमरे के सामने आरोप लगाते हुए कहा कि अचानक से अग्रवाल परिवार के कुछ लोग भीड़ लेकर हमारा सामान बाहर फेंकने लगे। हम इस मामले में हम कानून और पुलिस की मदद लेंगे। मौके पर करीब दो घंटे तक विवाद की स्थिति बनी रही।
आयकर विभाग पर किराए की आड़ में कब्जा करने के आरोप
इधर कोर्ट की शरण में गए व कुर्की टीम के साथ मौके पर मौजूद स्वप्निल अग्रवाल ने स्थानीय मीडिया के सामने बताया कि हमारे भवन में किराए की आड़ में आयकर विभाग के अधिकारी 41 साल से कब्जा जमाए बैठे हैं। जब खाली करने के लिए कहा तो कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं होते, इसलिए कोर्ट की शरण ली है। उन्होंने बताया कि बीते 2008 में कोर्ट ने भवन खाली करने का आदेश दे दिया था, लेकिन आयकर विभाग हाईकोर्ट चला गया था, स्थगन आदेश जारी हुआ था। हाईकोर्ट का स्थगन आदेश 2 महीने पहले हट चुका है, इस कारण छतरपुर कोर्ट ने बिल्डिंग खाली कराकर कब्जा वारंट जारी किया है।












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