Chhatarpur News: सागर संभाग का पहला ओपन भवानी मार्केट का कब होगा सीमांकन, अतिक्रमण बढ़ रही समस्या
Chhatarpur News: छतरपुर जिले की महाराजपुर नगर पालिका के अधीन 1942 में अधिग्रहित की गई भवानी मार्केट की भूमि में अतिक्रमण की समस्या उत्पन्न हो गई है।
सीमांकन समय पर न होने से यह भूमि भू-माफियाओं की चपेट में आ गई है, जिससे नगर पालिका के रिकॉर्ड में भी नामांतरण की जानकारी मिल रही है।

भूमि का अधिग्रहण और नजूल अधिकारी के अधिकार
भवानी मार्केट के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का सीमांकन न होने के कारण यह भूमि नजूल अधिकारी के अधिकार क्षेत्र से बाहर जा रही है। अगर यह समस्या हल नहीं होती, तो यह भूमि हितग्राहियों को वापस करने की बाध्यता में आ सकती है। अतिक्रमण से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने में नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी असफल दिखाई दे रहे हैं।
कोविद-19 के दौरान भूमि का नामांतरण
सूत्रों के अनुसार, कोविद-19 के दौरान कुछ राजस्व खसरा नंबरों में नजूल दर्ज भूमि का नगरपालिका रिकॉर्ड में निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज करने की जानकारी सामने आई है। इसमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी और चर्चित प्रशासक के सहयोगियों का हाथ बताया जा रहा है।
भवानी मार्केट की स्थिति
भवानी मार्केट का क्षेत्रफल महाराजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर घेर रोड तक फैला हुआ है। नगर पालिका कार्यालय से सन 1942 की फाइल की नकल नहीं दी जा रही है, जिससे यह आशंका उत्पन्न होती है कि अधिकारी नजूल भूमि के नामांतरण के साथ-साथ मूल दस्तावेजों की बिक्री भी कर सकते हैं।
निर्माण कार्यों में अव्यवस्था
वर्तमान में गढ़ी मलहरा से लवकुश नगर रोड पर लोक निर्माण विभाग और नगर पालिका महाराजपुर की बिना स्वीकृति के कई स्थानों पर व्यवसायिक निर्माण कार्य जारी हैं। यह सभी निर्माण कार्य नजूल भूमि पर हो सकते हैं, जिससे अतिक्रमण की समस्या और भी गंभीर हो रही है।
महाराजपुर नगर पालिका में भूमि विवाद और अतिक्रमण की समस्या को लेकर आवश्यक कदम उठाना बेहद जरूरी है। नजूल भूमि को संरक्षित करने और हितग्राहियों को उनका हक लौटाने के लिए उचित सीमांकन और सरकारी नियमों का पालन आवश्यक है। अगर यह समस्या आगे बढ़ती है, तो इसके गंभीर परिणाम स्थानीय समुदाय और प्रशासन पर पड़ सकते हैं।
संवाद सूत्र- खेमराज चौरसिया












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