बुंदेलखंडः डॉ. नरेंद्र अरजरिया की ‘आंचलिक पत्रकारिता’ पर लिखी नई पुस्तक प्रकाशित
पत्रकार डॉ. नरेंद्र अरजरिया की नई पुस्तक ‘भारत में आंचलिक पत्रकारिता और बुंदेलखंड’ बाजार में आ गई है। पुस्तक में देश की पत्रकारिता की जानकारी के साथ ही बुंदेलखंड के जिलों की आंचलिक पत्रकारिता की भी पूरी जानकारी दी गई है।

बुंदेलखंड के वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार डॉ. नरेंद्र अरजरिया ने पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी पुस्तक लिखी है। उन्होंने 'भारत में आंचलिक पत्रकारिता और बुंदेलखंड' शीर्षक से पुस्तक लिखी है, जो बुकस्टॉल काउंटर सहित ऑनलाइन उपलब्ध है। यह पुस्तक देश के स्वतंत्रता आंदोलन से अब तक की आंचलिक पत्रकारिता को केंद्र में रखकर लिखी गई है। जिस कारण विद्यार्थियों सहित शिक्षकों के लिए भी यह बराबर उपयोगी साबित होगी। पुस्तक की सबसे खास बात इसमें मप्र और यूपी के बुंदेलखंड इलाके में आंचलिक पत्रकारिता की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
'भारत में आंचलिक पत्रकारिता और बुंदेलखंड' पुस्तक के लेखक व पत्रकार डॉ. नरेंद्र अरजरिया ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक पत्रकारिता क्षेत्र में अध्यन-अध्यापन करा रहे शिक्षकों तक पहुंचा दी है। डॉ. अरजरिया के अनुसार उनकी अन्य पुस्तकों के साथ आंचलिक पत्रकारिता की यह पुस्तक भी ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगी। बता दें कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय के शोधकर्ता रहे डॉक्टर नरेंद्र अरजरिया की यह 6वीं पुस्तक प्रकाशित हुई है, जिसमें उन्होंने भारत के करीब 16 राज्यों की आंचलिक पत्रकारिता के उद्भव एवं विकास को जगह दी है। वहीं बुंदेलखंड के 13 जिलों की आंचलिक पत्रकारिता स्वतंत्र आंदोलन से लेकर 2020 तक के संघर्ष से पाठकों को अवगत कराने का प्रयास किया गया है।
डॉ. अरजरिया के अनुसार पुस्तक के माध्यम से लोग जान सकेंगे कि भारत के किस राज्य में पहला समाचार पत्र कब निकला और वर्तमान में कितने समाचार पत्र निकल रहे हैं। साथ ही बुंदेलखंड के 13 जिलों में स्वतंत्रता आंदोलन में पत्रकारों के संघर्ष और समाचार पत्रों की स्थिति से अवगत कराया गया है। यह किताब उन लोगों के लिए भी उपयोगी साबित होगी, जो पत्रकारिता में रूचि रखते हैं और बुंदेलखंड की पत्रकारिता की जानकारी चाहते है। इस पुस्तक का प्रकाशन यश पब्लिकेशन दिल्ली ने किया है।












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