पिछले 2 महीनों में कोरोना से मरने वाले 90% वो लोग थे, जिन्होंने एक भी डोज नहीं ली थी- तमिलनाडु सरकार
पिछले दो महीनों में तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में कोरोना से मरने वाले लगभग 90 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने कोरोना की एक भी डोज नहीं ली थी।
चेन्नई, 3 अक्टूबर। अगर अभी तक आपने कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाई है तो लगवा लीजिए, क्योंकि यह खबर आपके रौंगटे खड़े कर देगी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के प्रधान सचिव जे राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि पिछले दो महीनों में तमिलनाडु के सरकारी अस्पतालों में कोरोना से मरने वाले लगभग 90 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्होंने कोरोना की एक भी डोज नहीं ली थी।

शहर में चौथे मेगा टीकाकरण शिविर का निरीक्षण करने के बाद, उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ पश्चिमी जिलों में, जहां वायरस का प्रसार अधिक था, नए मामलों में गिरावट देखी जा रही है। कोरोना से होने वाली मौतों पर जानकारी देते हुए उन्होंने जनता से वैक्सीन लगवाने की अपील की। उन्होंने कहा वैक्सीन कोरोना से लड़ने का सबसे कारगर उपाय है। उन्होंने कहा कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद जिन लोगों को आईसीयू में भर्ती होना पड़ा, वे भी वही लोग थे, जिन्होंने कोरोना की एक भी डोज नहीं ली।
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उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में पिछले 2 महीने में मरे 7.4 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने कम से कम एक डोज ले रही थी वहीं, 3.6 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने दोनों डोज लगवा ली थीं। कोरोना की गंभीरता ऐसे लोगों में ज्यादा थी जिन्होंने एक भी डोज नहीं ली थी। वहीं, कोरोना की दोनों डोज लेने के बाद भी जो लोग मरे, उन्हें अन्य शारीरिक समस्याएं थीं।
उन्होंने कहा कि मरने वालों में 18-44 साल की उम्र के लोगों की अपेक्षा 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग ज्यादा थे। उन्होंने कहा की सीनियर सिटीजन के बीच वैक्सीन को लेकर झिझक ज्यादा है और राज्य के वरिष्ठ नागरिकों की कुल आबादी का मात्र 42 फीसदी लोगों ने ही वैक्सीन ली है। राधाकृष्णन ने कहा कि हम लोगों से इस मेगा वैक्सीनेशन ड्राइव का लाभ उठाने की अपील करते हैं। उन्होंने कहा कि मेगा वैक्सीनेशन कैंप के चौथे संस्करण में शनिवार को 4.79 करोड़ लोगों ने वैक्सीन लगवाई।












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