AIADMK में अम्मा की जगह लेंगी चिनम्मा, शशिकला के हाथों में पार्टी की कमान
जयललिता के बाद एआईएडीएमके को उनकी सबसे करीबी दोस्त रहीं शशिकला लीड करेंगी। उनको जनरल सेक्रेटरी बनाया जाएगा।
चेन्नई। तमिलनाडु की सीएम रहीं जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके का नया चीफ कौन होगा, इसको लेकर मामला साफ हो गया है। जयललिता की करीबी रहीं शशिकला ही उनकी जगह लेंगी और महासचिव बनाकर पार्टी की कमान उनके हाथों में सौप दी जाएगी।

1980 से जयललिता की सबसे करीबी दोस्त रहीं शशिकला
शशिकला को जयललिता अपनी सबसे ज्यादा विश्वस्त और करीबी मानती थीं। शशिकला, जयललिता के आवास पोएस गार्डन में उनके साथ रहती थीं। एआईएडीएमके में शशिकला कभी किसी पद पर नहीं रहीं फिर भी वह पार्टी की कामकाज देखती थींं।
गुरुवार को पार्टी प्रवक्ता सी पोन्नैयन ने कहा, 'पार्टी में सबकी यही इच्छा है कि चिनम्मा को जनरल सेक्रेटरी बनाया जाए।'

शशिकला को सब कहते हैं चिनम्मा
एआईएडीएमके के कार्यकर्ता, जयललिता को अम्मा कहते थे और शशिकला को चिनम्मा। तमिल में मां की छोटी बहन को चिनम्मा कहते हैं।
पार्टी में जयललिता को सब देवी की तरह मानते थे. इसलिए वह सबकी अम्मा थीं। शशिकला, जयललिता की करीबी होने की वजह से चिनम्मा कहलाने लगीं।

'शशिकला सर्वसम्मति से चुनी जाएंगी'
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि चिनम्मा, सर्वसम्मति से चुनी जाएंगी, इसमें कोई शक या डर की गुंजाइश नहीं। ओ पन्नीरसेल्वम, सीएम की कुर्सी संभालते रहेंगे।
शशिकला को महासचिव बनाए जाने के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि 33 सालों से वह जयललिता के अच्छे और बुरे दिनों में हमेशा उनका साथ देती रहीं और पार्टी को एक बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाती रहीं। अगर पार्टी कार्यकर्ता किसी मुद्दे पर जयललिता से बात करना चाहते थे तो वह शशिकला से चर्चा करने को कहती थीं।
शशिकला का पार्टी में हो रहा विरोध
जयललिता के निधन के बाद से ही शशिकला को पार्टी चीफ बनाए जाने की मुहिम चली जिसका पार्टी के अंदर विरोध भी हो रहा है। पार्टी कैडर के विरोध के बावजूद शशिकला को प्रमुख बनाए जाने के समर्थन में एआईएडीएमके के कई प्रमुख नेता खड़े हुए।
मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शशिकला से पार्टी को लीड करने का अनुरोध कर चुके हैं।
दो बार शशिकला को पोएस गार्डन से निकाल चुकी थीं जयललिता
वैसे तो शशिकला जयललिता की हमेशा ही सबसे ज्यादा करीबी रहीं लेकिन कुछ मौके ऐसे भी आए जब दोनों के रिश्तों में खटास आती दिखी। 1996 और 2011 में जयललिता ने शशिकला और उनके परिवार को पोएस गार्डन से निकाल दिया था लेकिन बाद में फिर उनको वापस बुला लिया था।












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