पीएम मोदी पर बरसे एमके स्टालिन, बोले- तमिलनाडु के लोगों को आपसे देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए
चेन्नई, 10 फरवरी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। स्टालिन ने कहा कि प्रधानमंत्री को तमिल लोगों की देशभक्ति को प्रमाणित करने की कोई जरूरत नहीं है। देश के लिए स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को तमिल लोगों ने हमेशा प्रशंसा की है और उनकी पूजा की है। 7 फरवरी को संसद में पीएम मोदी के बयान का हवाला देते हुए तमिलनाडु की झांकी को 26 जनवरी की परेड में स्वीकार नहीं किए जाने का भी जिक्र किया। थूथुकुडी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा कि आखिर किसने यह फैसला लिया था कि 26 जनवरी की परेड में तमिलनाडु की झांकी शामिल नहीं किया जाएगा।

स्टालिन ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा तमिलनाडु में कई सालों तक शासन नहीं कर पाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिलनाडु के लोग राष्ट्रवादी थे और तमिलनाडु के लोगों ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी थी। प्रधानमंत्री भाजपा की आलोचना को भारत की आलोचना के तौर पर लेते हैं। लेकिन यह फैसला किसने लिया कि तमिलनाडु की झांकी जोकि स्वतंत्रता सेनानियों वीरमंगई वेलुंचयार, मरुदू बंधु, दीरान चिन्नामलाई, वीरपांडिया कटाब्बोमन, वीओ चिदंबरम को समर्पित थी उसे गणतंत्र दिवस परेड में इजाजत नहीं दी गई।
तमिलनाडु की झांकी पर राष्ट्रीय कवि भारती को भी दर्शाया गया था। पीएम मोदी अपने भाषण में राष्टीय कवियों की कविताएं कहते हैं आखिर इसके बाद भी उन्होंने इस झांकी को इजाजत क्यों नहीं दी। तमिलनाडु कभी भी लीडर्स और शहीदों को याद करना नहीं भूलता जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया। पीएम मोदी को प्रमाण देने की जरूरत नहीं है कि तमिलनाडु के लोग देशप्रेमी होते हैं। इतिहास इसका गवाह है। तमिलनाडु पूरे देश को एक देश के तौर पर देखता है।
बता दें कि पीएम मोदी ने कहा था कि कांग्रेस बांटों और शासन करो पर भरोसा करती है। मैं तमिलनाडु के लोगों की प्रशंसा करना चाहता हूं जो सीडीएस जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देने के लिए घर से बाहर आए। बता दें कि पिछले साल जनरल रावत की एक हेलिकॉप्टर क्रैश में मृत्यु हो गई थी।












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