पुलिस ने माथे पर गुदवा दिया जेबकतरी, 23 साल बाद मिली सजा
पुलिस हिरासत में पांच महिलाओं के माथे पर गुदवा गया था जेबकतरी।
अमृतसर। जेब काटने के जुर्म मे तीन महिलाओं के माथे पर जेबकतरी गुदवाने पुलिसवालों को 23 साल बाद कोर्ट ने सजा सुनाई है।

पांच महिलाएं जब कई बार जेब काटने के जुर्म में पकड़ी गईं तो कुछ पुलिसवालों ने उनको खुद ही सजा दे डाली। सजा भी ऐसी जैसी लोगों ने सिर्फ फिल्मों में देखी थी।
इन पांचों महिलाओं के माथे पर पुलिसवालों ने जेबकतरी गुदवा दिया। जब इन महिलाओं को कोर्ट में पेश किया गया तो उनमें से एक ने माथे का टैटू दिखाया और आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
ये पूरा मामला पंजाब के अमृतसर में 23 साल पहले हुआ, लेकिन ये अब फिर से चर्चा में है। आरोपी तीन पुलिसवालों को कोर्ट ने सजा सुनाई है लेकिन इन महिलाओं का कहना है कि उनके साथ इंसाफ नहीं हुआ, सजा मामूली है।
दो पुलिवाले को तीन, एक को एक साल की सजा
स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने पांच महिलाओं के माथे पर जेबकतरी गुदवा देने के जुर्म में अमृतसर के दो पुलिस वालों को तीन साल और एक को एक साल की सजा सुनाई है।
इस केस में यह सजा करीब 23 साल बाद दी गई है। जहां चार महिलाएं पिछले 23 साल से आरोपी पुलिसवालों की सजा का इंतजार कर रही थीं, वहीं एक महिला की मौत हो चुकी है।
पीड़ित महिलाएं इस सजा से खुश नहीं है। अब 70 साल की हो चुकी सुरजीत कौर का कहना है कि इतने लंबे इंतजार के बाद तीन साल की सजा बिलकुल मामूली है। कौर ने कहा हम इससे नाखुश हैं, इस मामले के बाद हमारे परिवार और बच्चों को बहुत जलालत का सामना करना पड़ा था।
8 दिसंबर 1993 को हुई थी घटना
एक ही परिवार की सुरजीत (70), सुरजीत की ननद मोहिंदर कौर (65) और मोहिंदर की सास हामिर कौर (अब मृत) और परमेश्री (65) और गुरदेव कौर (60) अलग गांव की हैं।
ये महिलाएं अक्सर पॉकेट मारने के लिए पकड़ी जाती थीं। 8 दिसंबर, 1993 में इन पांच महिलाओं के माथे पर अमृतसर पुलिस ने जेबकतरी दिया गया था। ये पुलिस हिरासत में किया गया था।
जेब काटने के केस के दौरान पुलिस ने उन महिलाओं के माथे को दुपट्टे से ढक कर कोर्ट में पेश किया गया। उनमें से एक महिला ने कोर्ट में माथे पर बना हुआ टैटू दिखा दिया। इसके बाद यह मामला प्रकाश में आया।
प्लास्टिक सर्जरी से पंजाब सरकार ने हटवाए थे टैटू
टैटू दिखाते हुए परमेश्री ने कोर्ट को बताया था कि पुलिसवालों ने टैटू गोदने वाली मशीन को मंगाया और सब इंस्पेक्टर नारिंदर सिंह ने हमारे माथे पर जेबकतरी लिखवा दिया।
इस मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया। खुद पंजाब सरकार ने सर्जरी कराकर महिलाओं के माथे से टैटू हटवाए।
मामला तभी से कोर्ट में था। 2015 में केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। जिसमें अब तीन पुलिसवालों को सजा सुनाई गई है।












Click it and Unblock the Notifications