स्कूल हेडमास्टर ने दलित छात्राओं टॉयलेट साफ करने का दिया ऑर्डर
चंडीगढ़। भारत विकास की राह पर चल रहा है। लोग जाति-पाति, भेदभाव से उठ गए है, लेकिन अब भी ऐसे कई लोग इन सब ऊपर नहीं उठ पाए है। हरियाणा के हिसार में ऐसा ही मामला सामने आया है। हिसार के रावलवास खुर्द गांव स्थित सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल में दलितों के साथ भेदभाव का मामला सामने आया है।

स्कूल के हेडमास्टर द्वारा कथित रूप से दलित छात्राओं को स्कूल में बने शौचालय साफ करने का निर्देश दिए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक छात्राएं प्रतियोगिता के लिए स्कूल गई थी। इसी दौरान हेडमास्टर उर्मिल ने अल्संख्यक स्टूडेंट को खड़े होने का आदेस दिया। जिसके बाद स्कूल की हेडमास्टर ने उन्हें कहा कि तुम सभी फ्री में छात्रवृत्ति लेती हो। पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है, अब जाओ और शौचालय साफ करो।
हेडमास्टर की बातें सुनकर छात्राओं चौंक गई। उन्होंने शौचालय साफ करने से इनकार कर दिया और घर जाकर यह बात अपने परिजनों को बताई। परिजनों को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने स्कूल जाकर हेडमास्टर से बात की, लेकिन फौरन इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी को दी।
शनिवार को गांव में पंचायत हुई। सरपंच और छात्राओं के परिजन स्कूल पहुंचे। उन्होंने हेडमास्टर से बात की और ऐसा करने का कारण पूछा। परिजनों का कहना है कि हेडमास्टर ने उन्हें स्कूल से बाहर निकाल दिया। इस बात से नाराज छात्राओं और परिजनों ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस बात की जानकारी दी।बाद में मामला पुलिस तक पहुंच गया। जब पुलिस मामले की छानबीन के लिए पहुंची तो हेडमास्टर मामले से मुकर गई और कहा कि उन्होंने लड़कियों को शौचालय साफ करने का कोई निर्देश नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि छात्राओं को भ्रमित किया गया है।












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