'महामारी के बीच हरियाणा में कैबिनेट के फैसले जनता पर बोझ, 2% टैक्स लगाने से गांवों में बिजली महंगी होगी'
चंडीगढ़। हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई में कैबिनेट की मीटिंग हुई, जिसमें कई अहम फैसलों पर मोहर लगाई गई। सरकार ने गांवों में 2 प्रतिशत पंचायत टैक्स लगाने का भी निर्णय लिया। इस पर विपक्षी दल कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि, अब प्रदेश के गांवों में बिजली महंगी हो जाएगी।सुरजेवाला बोले कि, ग्रामीण उपभोक्ताओं पर 2 प्रतिशत पंचायत टैक्स लागू करने का फैसला लेना नाइंसाफी है। सरकार को इसे तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि, कोरोना महामारी के बीच हरियाणा के लोग पहले ही गिरते व्यापार, घटती आमदनी और बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से परेशान हैं, ऐसे में यहां जनविरोधी भाजपा-जजपा सरकार उनकी मुसीबतें बढ़ाने वाले नित नए तरीके ढूंढ रही है।' सुरजेवाला बोले- ''पंचायतों का नाम लेकर जो 2 प्रतिशत टैक्स गांवों के उपभोक्ताओं पर लगाया गया है, वह जनता के ऊपर वज्रपात के समान है और इससे आमजन पर 125 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। जिसे किसी भी क़ीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।''

सुरजेवाला ने कहा कि पंचायतों को सहयोग करना सरकार की जिम्मेदारी है और पंचायतों के नाम पर टैक्स लगाकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती।' विभिन्न इलाकों में बिजली कमी की शिकायतों का हवाला देते हुए सुरजेवाला बोले कि सरकार ने एक तरफ तो बिजली कारखाने बंद कर रखे हैं, वहीं बिजली में बड़े-बड़े अघोषित कट लगाए जा रहे हैं। जिन गांवों में 24 घंटे बिजली देने की घोषणा भी की गई थी, उन गांवों में भी केवल 10 से 12 घंटे बिजली दिए जाने की शिकायतें आम हो चली हैं। मैं कह रहा हूं कि खट्टर सरकार द्वारा किए गए बड़े-बड़े दावे खोखले साबित हुए हैं।''












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