खुद बीटेक, बीवी एमटेक, चार साल से था कुली, दशहरा पर बदली किस्मत
बठिंडा। बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बावजूद रेलवे स्टेशन पर कुली का काम कर रहे 25 साल के मोने लाल के लिए ये दशहरा खुशियां लेकर आया, अब उसको उसकी डिग्री के अनुरूप नौकरी मिलने की उम्मीद बंधी है।

पंजाब के बठिंडा के रेलवे स्टेशन पर 25 साल का इंजीनियर मोने लाल कुली है। वह 2012, अपनी पढ़ाई के दौरान से ही कुली का काम कर रहा है।
नौकरी ना मिलने उसने रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर नौकरी के लिए आवेदन भी किया है। हाल ही में अखबारों मोने के बारे में छपने के बाद अब उसको बेहतर जिंदगी की उम्मीद बंधी है।
पत्नी को भी मिला नौकरी का भरोसा
मोने लाल की कहानी जानने के बाद उनको एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलिज से नौकरी का ऑफर मिला है। साथ ही मोने की बीवी निवेता लाल को भी अपनी एम टेक की डिग्री पूरी कर लेने के बाद उनके अगले साल नौकरी के लिए आश्वस्त किया है। निवेता इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्यूनिकेशंस में एमटेक कर रही हैं।
महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मोहन लाल सिंह इसार ने मोने लाल के बारे में अखबार में पढ़ने के बाद मोने और उसकी बीवी नेविता को यूनिवर्सिटी बुलाया और उनसे पूछा कि वो किस तरह से उनकी मदद कर सकते हैं।
वीसी प्रोफेसर इसार ने एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलिज के चेयरमैन को बुलाया और उनसे मोने को नौकरी देने की बात की। इसके बाद चैयरमैन ने उनको आज (बुधवार) को अपने कॉलिज बुलाया है।
वीसी प्रोफेसर इसाकर ने मोने की बीवी नेविता को अपनी तरफ से भरोसा दिया कि वो अगले साल उसकी एमटेक की डिग्री पूरी होने पर उसको नौकरी देंगे।
ये मेरे लिए दशहरे का तोहफा
मोने लाल ने फरीदकोट कॉलिज से इलेक्ट्रोनिक्स एंड क्मयूनिकेशंस में बीटेक किया है। अपनी पढ़ाई के दौरान 2012 में ही माली हालत ठीक ना हेने की वजह से उसने बठिंडा रेलवे स्टेशन पर कुली का काम करना शुरू कर दिया था।
मोने लाल को अपने कॉलिज में जॉब ऑफर करने वाले, बाबा फरीद इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के चेयरमैन गुरनीत सिंह धालीवाल ने कहा कि मोने को वो उसकी काबिलियत के हिसाब से नौकरी देंगे।
धालीवाल ने कहा कि हर किसी को उसकी काबिलियत के हिसाब से काम और एक बेहतर जिंदगी जीने का हक मिलना चाहिए। वहीं अचानक बदली अपनी जिंदगी पर मोने का कहना है कि ये उसके लिए दशहरे के गिफ्ट जैसा है।












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