चंडीगढ़ निगम चुनाव: कांग्रेस-BJP से जीतकर भी वोट शेयर में इतना पिछड़ गई AAP
चंडीगढ़, 27 दिसंबर: चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर धमाकेदार एंट्री की है और 15 साल से वहां पर काबिज भारतीय जनता पार्टी को हरा दिया है। पांच साल से पंजाब में सरकार चला रही कांग्रेस के लिए भी यह बहुत अच्छा चुनाव परिणाम नहीं है और वह तीसरे स्थान पर खिसक गई है। लेकिन, आम आदमी को जितनी ज्यादा सीटें मिली हैं, वोट शेयर के मामले में कांग्रेस और बीजेपी उससे कहीं आगे है। यही नहीं तीनों दलों में सबसे कम सीट जीतने वाली कांग्रेस को केंद्र शासित प्रदेश के वोटरों ने सबसे ज्यादा वोट दिए हैं और भाजपा इस मोर्चे पर भी नंबर दो ही रह गई है। चंडीगढ़ निकाय में आम आदमी पार्टी का यह पहला ही चुनाव है। चंडीगढ़ नगर निगम के लिए पिछले शुक्रवार यानी 24 दिसंबर को वोट डाले गए थे, जिसमें 60.45% वोटिंग हुई थी।

कांग्रेस-बीजेपी को सीटें कम वोट ज्यादा
चंडीगढ़ नगर निगम की 35 सीटों में से 14 पर जीत हासिल करके आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। करीब दो महीने बाद होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले उसके लिए यह बहुत ही बड़ी कामयाबी है। लेकिन, वोट शेयर के मामले में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने इसे पीछे छोड़ दिया है। मसलन, सिर्फ 8 सीटें जीतकर तीसरे नंबर पर रहने वाली कांग्रेस को सबसे ज्यादा 29.79 फीसदी वोट मिले हैं। वहीं 12 सीटों पर विजय प्राप्त करने वाली भारतीय जनता पार्टी ने 29.30 फीसदी वोट जुटाए हैं। इस चुनाव में अकाली दल ने सिर्फ 1 सीट जीतकर अपना पिछला वाला आंकड़ा ही कायम रखा है। चंडीगढ़ नगर निगम के लिए पिछले शुक्रवार यानी 24 दिसंबर को वोटिंग हुई थी, जिसमें 60.45% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

वोट शेयर के मामले में तीसरे नंबर पर 'आप'
चंडीगढ़ निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी को सिर्फ 27.08 फीसदी वोट मिले हैं और इस मामले में यह बीजेपी और कांग्रेस दोनों से पीछे है। जबकि, निर्दलीयों ने 7.10 फीसदी और अन्य ने 6.26 फीसदी वोट प्राप्त किए हैं। चंडीगढ़ खुद एक केंद्र शासित प्रदेश है और यह पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की राजधानी भी है। चंडीगढ़ में मिली अप्रत्याशित जीत पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने ट्वीट किया है, "चंडीगढ़ में गवर्नर, मेयर और केंद्र में मोदी जी के होने के बावजूद बीजेपी के मेयर और कई बड़े नेता चुनाव हारे। सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ की जनता ने बता दिया है कि वो केजरीवाल जी के डेवलपमेंट मॉडल को पसंद करती है।"
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26 से बढ़कर 35 वार्ड में हुए हैं चुनाव
पहले चंडीगढ़ में सिर्फ 26 वार्ड होते थे। लेकिन, इस साल कुछ गांवों को ग्राम पंचायतों से हटाकर शहरी नगर निकाय में शामिल कर लिया गया, जिससे सीटें बढ़कर 35 हो गई हैं। पिछले चुनाव में बीजेपी ने उनमें से 20 सीटें जीती थी और 1 सीटे तबके उसकी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के खाते में गई थी। कांग्रेस को पिछली बार सिर्फ 4 सीटें ही मिली थीं और इस हिसाब से उसने बेहतर प्रदर्शन किया है। अलबत्ता इसबार बीजेपी और अकाली दल ने अलग-अलग चुनाव लड़ा है।












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