मां को नहीं पता उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा, शहीद बेटे का पार्थिव शरीर पहुंचा घर

Chandauli News, चंदौली। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (Pulwama Blast) में हुए आतंकी हमले में यूपी के 12 जवान शहीद हो गए। इसमें चंदौली के जांबाज अवधेश यादव ने भी शहादत दी। अवधेश यादव 45वीं बटालियन में तैनात थे। शनिवार को शहीद अवधेश यादव का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। जहां शहीद की पत्नी शिल्पी, भाई और पिता हरिकेश यादव ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।

मां को नहीं पता बेटा हो गया शहीद

मां को नहीं पता बेटा हो गया शहीद

शहीद अवधेश यादव की मां कैंसर से पीड़ित हैं। मां को नहीं पता कि उसका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा है। वह तो अपने बेटे की आने की राह देख रही हैं। इस मौके पर यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पाण्डेय ने शहीद के शव को कंधा दिया। जैसे ही शहीद का शव गांव पहुंचा पूरे गांव की आंखे नम हो गई।

2 दिन पहले ही लौटा था ड्यूटी पर

2 दिन पहले ही लौटा था ड्यूटी पर

अवधेश मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के रहने वाले थे। बता दें कि अवधेश यादव छुट्टी पर घर आये थे और 2 दिन पहले ही 12 फरवरी को वापस ड्यूटी पर लौटे थे। अवधेश यादव 2010 में सेना में भर्ती हुए थे, नौकरी के चार साल बाद उन्होंने 2014 में शिल्पी यादव से शादी की थी। अवधेश का एक दो साल का बेटा निखिल है।

घर में इकलौता था कमाने वाला

घर में इकलौता था कमाने वाला

अवधेश यादव सीआरपीएफ के 45वीं बटालियन में रेडियो ऑपरेटर पद पर तैनात थे। शहीद अवधेश यादव के पिता का नाम हरिकेश यादव है। शहीद अवधेश यादव का ढाई साल के बेटे निखिल की आंखें अपने पिता के शव पर टिकी हुई थी। बता दें कि घर में अवधेश इकलौते कमाई करने वाले थे। पिता की किसानी से अर्जित पैसों से घर का खर्चा चलता था।

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