• search

केंद्र सरकार ने 50,000 मदरसा टीचरों को नहीं दी सैलरी, 2016-17 में जारी करना था 296.31 करोड़ रुपये का फंड

By Mohit
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्लीः केंद्र सरकार पर देश के 16 राज्यों के 50000 से अधिक मदरसा टीचरों को सैलरी न देने का आरोप लगा है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सैलरी न मिल पाने की वजह से ये टीचर अपना पद छोड़ने को मजबूर हैं। इन 16 राज्यों में देश की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य यूपी भी है, जिसके बारे में हाल ही में एक रिपोर्ट में  कहा गया था कि सूबे में योगी सरकार ने 298 मदसरा टीचरों की सैलरी रोक ली।

    16 राज्यों के मदरसा टीचरों को नहीं मिली है सैलरी

    16 राज्यों के मदरसा टीचरों को नहीं मिली है सैलरी

    एक रिपोर्ट में केंद्र सरकार के बारे में कहा गया है कि यूपी, मध्यप्रदेश समेत देश के 16 राज्यों की मदरसा सैलरी को रोक लिया है। स्कीम फॉर प्रोवाइडिंग क्वॉलिटी एजुकेशन (SPQEM) के तहत केंद्र सरकार से मदरसा टीचरों को सैलरी का हिस्सा नहीं मिला है।

    ABMASS करेगा विरोध प्रदर्शन

    ABMASS करेगा विरोध प्रदर्शन

    मदरसा टीचरों को सैलरी ने मिलने के कारण अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ (ABMASS) नाराज हैं। ABMASS के मुस्लिम राजा खान का कहना है कि देश में आधे से ज्यादा मदरसे उत्तर प्रदेश में हैं, जिनमें 25,000 शिक्षक हैं। उनका कहना था कि दो सालों से केंद्र सरकार ने 16 राज्यों में शिक्षकों को सैलरी नहीं दी है तो वहीं कुछ राज्यों में उन्हें तीन सालों से सैलरी नहीं मिली है। इस कारण उन्होंने 8 जनवरी को लखनऊ में प्रदर्शन करने का फैसला किया है।

    साल 2008-09 में SPQEM की हुई थी शुरुआत

    साल 2008-09 में SPQEM की हुई थी शुरुआत

    बता दें, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने साल 2008-09 में मदरसाओं में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए स्कीम फॉर प्रोवाइडिंग क्वॉलिटी एजुकेशन (SPQEM)की शुरुआत की थी। जिसके तहत केंद्र सरकार को मदरसा टीचरों की सैलरी का ज्यादा हिस्सा मिलने वाला था।

    पोस्ट ग्रैजुएट टीचर्स को मिलनी थी 12,000 रुपये प्रतिमाह सैलरी

    पोस्ट ग्रैजुएट टीचर्स को मिलनी थी 12,000 रुपये प्रतिमाह सैलरी

    साल 2008-09 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा था कि ग्रैजुएट टीचर्स को 6,000 प्रतिमाह मिलेगी तो वहीं पोस्ट ग्रैजुएट टीचर्स को 12,000 रुपये प्रतिमाह सैलरी मिलेगी। जिसमें से सैलरी का क्रमशः 75 और 80 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार देगी और बाकी का हिस्सा राज्य सरकारों को देना होगा।

    केंद्र सरकार ने नहीं जारी किया फंड

    केंद्र सरकार ने नहीं जारी किया फंड

    यूपी मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता का कहना है कि केंद्र सरकार को साल मदरसों के लिए 2016-17 में 296.31 करोड़ रुपये का फंड जारी करना था, लेकिन केंद्र सरकार ने फंड जारी नहीं किया है।

    यह भी पढ़ें-जयललिता की सीट पर उनसे भी ज्‍यादा वोटों से जीते दिनाकरण, जानिए SHOCKING FACTS

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    central government not alloted funds to 50000 madrasa teachers

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more