Zomato Blinkit Deal : ग्रॉसरी ऑर्डर करें, मिनटों में दरवाजे पर डिलीवरी, करोड़ों में हुआ सौदा
जोमैटो ब्लिकिंट का अधिग्रहण (Zomato Blinkit deal) करेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डील 4400 करोड़ से अधिक कीमत में फाइनल हुई है। ब्लिंकिट ग्रोसरी डिलिवरी प्लेटफॉर्म है। पढ़िए खबर
नई दिल्ली, 25 जून : जोमैटो ब्लिंकिट अधिग्रहण (Zomato Blinkit acquisition) लगभग 4447 करोड़ रुपये में फाइनल होगा। ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट का अधिग्रहण सुर्खियों में है। ऐसे में 569 मिलियन डॉलर की जोमैटो ब्लिंकिट डील (Zomato Blinkit deal) के बारे में कारोबार में विशेष दिलचस्पी लेने वाले लोगों के लिए कई रोचक जानकारियां सामने आई हैं। आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि ब्लिंकिट का अधिग्रहण वाणिज्य उद्योग के अति-प्रतिस्पर्धी होने का संकेत है। इससे नकदी की बड़ी भूमिका भी रेखांकित होती है। दोनों कंपनियों के बीच लेनदेन का प्रोसेस अगस्त में पूरा होने की उम्मीद है। वनइंडिया हिंदी की इस रिपोर्ट में आसान भाषा में पढ़िए, जोमैटो ब्लिंकिट के करोड़ों रुपये की ऑल-स्टॉक डील (Zomato Blinkit all stock deal) की डिटेल।

ब्लिंकिट से डील, जोमैटो के शेयर में उछाल
जोमैटो राशन की डिलिवरी करने में अपने पैर पसारने की हर संभव कोशिश कर रहा है। एक रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, Zomato Blinkit को खरीदने के लिए 629 मिलियन शेयरों की पेशकश करेगा। इतने शेयर 6.88 प्रतिशत स्वामित्व के बराबर हैं। आवंटन मूल्य 70.76 रुपये प्रति शेयर होगा। जोमैटो और ब्लिंकिट की डील के ऐलान से पहले, शेयर बाजार में Zomato के शेयरों में 1.15 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। बीएसई सेंसेक्स में जोमैटो के शेयर 70.35 रुपये पर बंद हुए।

जोमैटो में अन्य हिस्सेदार
एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान के सॉफ्टबैंक, के पास ब्लिंकिट का 46 प्रतिशत हिस्सा है। जोमैटो और ब्लिंकिट की डील से सॉफ्टबैंक (zomato blinkit SoftBank) को जोमैटो में 3.2 प्रतिशत स्वामित्व मिलेगा। टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट (Tiger Global Management) जोमैटो के लगभग 1.3 प्रतिशत का मालिक बनेगा, जबकि सिकोइया कैपिटल (Sequoia Capital) जोमैटो में अतिरिक्त 0.5 प्रतिशत का मालिक होगा।

जोमैटो में इन कंपनियों को मिलेगी हिस्सेदारी
ब्लिंकिट से पहले इसका नाम ग्रोफर्स था। ब्लिंकिट में निवेश करने वाले कई अन्य शेयरहोल्डर्स को भी जोमैटो का शेयर मिलेगा। इनमें कोरिया का केटीबी वेंचर्स, अपोलेट एशिया (Apollete Asia) और बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (Bennett Coleman & Co. Ltd.) शामिल हैं।

बाजार में पैसों का बोलबाला
जोमैटो द्वारा ब्लिंकिट के अधिग्रहण पर जीन्यूजइंडिया डॉटकॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक डील वाणिज्य उद्योग के टफ कॉम्पिटीशन और नकदी की भारी डिमांड (hyper-competitive and cash-hungry character) को दिखाता है। पिछले साल भारत में पैदा हुए लगभग 40 यूनिकॉर्न में एक ब्लिंकिट भी था। बता दें कि स्टार्टअप का बाजार मूल्य 1 बिलियन डॉलर या उससे अधिक होने पर इसे यूनिकॉर्न कहा जाता है।

zomato blinkit deal पर सीईओ का बयान
ब्लिंकिट के साथ डील पर जोमैटो ने कहा, वैधानिक लॉक-इन अवधि (statutory lock-in period) छह महीने है। हालांकि, हमने ब्लिंकिट स्टॉकहोल्डर्स को बेचने के लिए 12 महीने की लॉक-इन अवधि पर बातचीत की है। एक ब्लॉग पोस्ट में, Zomato के संस्थापक और सीईओ, दीपिंदर गोयल ने कहा, रैपिड कॉमर्स पिछले साल से कंपनी का रणनीतिक उद्देश्य रहा है। बता दें कि जोमैटो ने पिछले साल ही पहली बार ब्लिंकिट में निवेश किया था।

जोमैटो के लिए ब्लिंकिट मददगार
जोमैटो के संस्थापक ने कहा कि भारत के अलावा दुनियाभर मे ई कॉमर्स सेक्टर में महत्वपूर्ण विकास हुए हैं। ग्राहकों के बीच किराने के सामान के अलावा अन्य जरूरी आइटम्स की फास्ट डिलिवरी की डिमांड है। ब्लिंकिट के साथ डील पर उन्होंने कहा कि ये कंपनी हमारे मुख्य खाद्य व्यवसाय के साथ मिलती जुलती है। इससे जोमैटो को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। बता दें कि इस साल की शुरुआत में, ब्लिंकिट ने कथित तौर पर कर्मचारियों को निकाल दिया था। डार्क स्टोरफ्रंट बंद होने के कारण विक्रेताओं के भुगतानों में देरी की खबरें भी सामने आ चुकी हैं। Zomato के अनुसार, ऑपरेटिंग लीवरेज और बेहतर निष्पादन के परिणामस्वरूप जनवरी और मई के बीच ब्लिंकिट के घाटे में नाटकीय रूप से गिरावट आई है।

HOTPL का अधिग्रहण 8 मिलियन डॉलर में
जोमैटो ने ब्लिंकिट के भंडारण और सहायक सेवा व्यवसाय- HOTPL का अधिग्रहण 8 मिलियन डॉलर में किया था। हालाँकि, यह बिजनेस टू बिजनेस (B2B) ट्रेडिंग फर्म का अधिग्रहण नहीं करेगा क्योंकि यह अब जोमैटो कंपनी की रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं में फिट नहीं बैठता है।












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