महंगाई से बड़ी राहत: 3 साल के निचले स्तर पर आई थोक महंगाई दर, मई में घटकर -3.48% रही
आज यानी 14 जून को मई महीने की थोक मूल्य सूचकांक ( WPI) आधारित महंगाई दर के आंकड़े जारी कर दिए हैं। मई 2023 में WPI घटकर माइनस 3.48 पर आ गई है। इसके साथ ही थोक महंगाई 3 साल के निचले स्तर पर आ गई है। इससे पहले मई, 2020 में थोक महंगाई दर माइनस 3.37 फीसदी पर थी। वहीं पिछले महीने अप्रैल की बात करें तो थोक महंगाई दर माइनस .92 फीसदी पर आई थी। यानी नए वित्त वर्ष के पहले दो महीने में थोक महंगाई दर में निगेटिव ग्रोथ देखने को मिली है।
आम लोगों पर क्या होगा असर
देश की थोक महंगाई दर घटने से लोगों को महंगाई से राहत मिलती है। दरअसल, थोक महंगाई दर के घटने के पीछे की वजह मिनरल ऑयल, बेसिक मेटल्स, फूड आइटम्स, टेक्सटाइल्स के साथ-साथ नॉन-फूड आर्टिकल्स के दाम में कमी देखी गई है । इसके अलावा कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के साथ नैचुरल गैस, कैमिकल और कैमिकल प्रोडक्ट्स के दाम में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है। लोगों को आने वाले समय में ब्याज दर से लेकर खाने-पीने के सामानों में राहत मिल सकती है।

थोक मूल्य सूचकांक क्या है? (What is WPI)
थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की गणना थोक बाजार में उत्पादकों और बड़े व्यापारियों द्वारा किये गए भुगतान के आधार पर की जाती है। WPI सूचकांक भारत में थोक और थोक स्तर पर बेचे जाने वाले सामानों की कीमतों में बदलाव को मापता है।












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