विप्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा ने सैकड़ों फ्रेशर को ऑफर लेटर देने के बाद इसे किया रद्द, बताई ये वजह
नई दिल्ली, 03 अक्टूबर। क्या आपने सोचा है कि आप किसी कंपनी में अपना इंटरव्यू दें, इंटरव्यू में सफल होने के बाद आपको ऑफर लेटर भी मिल जाए। लेकिन ज्वाइन कराने में पहले कई महीनों तक टाला जाए और उसके बाद आपका ऑफर लेटर रद्द कर दिया जाए तो कैसा महसूस करेंगे। हर किसी के लिए यह बहुत ही हताश करने वाली खबर होगी। भारत की दिग्गज आईटी कंपनियों ने कुछ फ्रेशर उम्मीदवारों के साथ ऐसा ही बर्ताव किया है। विप्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा जैसी कंपनियों ने कुछ फ्रेशर उम्मीदवारों को ऑफर लेटर जारी करने के बाद इसे रद्द कर दिया।

ज्वाइनिंग में देरी के बात किया गया रद्द
रिपोर्ट के अनुसार सैकड़ों फ्रेशर उम्मीदवारों को इन कंपनियों की ओर से ऑफर लेटर दिया गया था, लेकिन पहले इन उम्मीदवारों को ज्वाइन कराने में 3-4 महीने का विलंब किया गया, इन उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग को टाला जा रहा और अंत में उनके ऑफर लेटर को रद्द कर दिया गया। छात्रों का दावा है कि उन्होंने शीर्ष कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन किया था। कई राउंड के इंटरव्यू के बाद इनका चयन हुआ था, इसके बाद इन्हें ऑफर लेटर मुहैया कराया गया था। साथ ही उनसे कहा गया था कि ज्वाइन करने के लिए कुछ समय तक इंतजार करें, जिसे कई महीने तक टाला जाता रहा।

कंपनियों ने दी यह वजह
अब छात्रों का कहना है कि कई महीने तक ज्वाइनिंग को टाले जाने के बाद इसे रद्द कर दिया गया। छात्रों ने दावा किया है कि कंपनियों ने उनके ऑफर लेटर को अर्हता और कंपनी के दिशानिर्देश का हवाला देते हुए रद्द कर दिया। बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों की ओर से जो मेल किया गया है उसमे कहा गया है कि यह पाया गया है कि आप हमारी एकेडमी इलिजिबिलिटी को पूरा नहीं करते हैं, लिहाजा आपका चयन रद्द किया जाता है। इन आटी कंपनियों द्वारा ऑफर लेटर को रद्द किए जाने की खबर ऐसे समय में आई है जबक आईटी इंडस्ट्री में वैश्विक स्तर पर गिरावट देखने को मिल रही है।

आईटी सेक्टर में मंदी
जिस तरह से दुनिया भारत के शीर्ष बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की है उसके बाद मनी सप्लाई स्टार्टअप के लिए काफी कम हुई है। आईटी सेक्टर में स्टार्टअप के लिए पैसों की हो रही कमी का सीधा असर इस इंडस्ट्री पर देखने को मिल रहा है। बिजनेस के माहौल पर ब्याज दरों की बढ़ोत्तरी से नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। यहां तक कि गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट ने भी नई भर्तियों को फिलहाल रोक दिया है, अपनी टीमों को कहा है कि मौजूदा संसाधनों का ही इस्तेमाल करें। जहां तक भारतीय आईटी कंपनियों की बात करें तो कई रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं जिसमे कहा गया है कि आईटी कंपनियों ने भर्ती की प्रक्रिया को कई महीने के लिए टाल दिया है।












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