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मणप्पुरम फाइनेंस के निवेशकों को तगड़ा झटका, जानें आखिर क्यों गिर रहे तेजी से शेयर?

Manappuram Finance shares Fall: मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के शेयर लगातार गिरने से निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है। आज भी शुरुआती कारोबार में ही शेयर 14 फीसदी तक धड़ाम हो गए।

Manappuram Finance shares

Manappuram Finance shares: मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के निवेशकों तगड़ा झटका लगा है। कंपनी के शेयर उठने के बजाय गिरते जा रहे हैं। शुरुआती कारोबार में शेयर 14 फीसदी तक गिर गए। बता दें कि मणप्पुरम फाइनेंस केरल की गैर-बैंकिंग वित्तिय कंपनी है। यह कंपनी मुख्यत: ग्राहकों को गोल्ड लोन प्रोवाइड करवाती है। चलिए अब जानते हैं आखिर मणप्पुरम फाइनेंस के शेयर (Manappuram Finance) अचानक तेजी से क्यों गिरने लगे?

क्यों गिर रहे मणप्पुरम फाइनेंस के शेयर?
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा केरल के त्रिशूर में मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड (Manappuram Finance) और इसके प्रबंध निदेशक वीपी नंदकुमार के छह परिसरों की तलाशी लेने के बाद 143 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने के बाद मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में आज 14% की गिरावट आई। फर्म का मार्केट कैप घटकर 8722 करोड़ रुपए रह गया। शुरुआती कारोबार में स्टॉक 13.96% गिरकर 102.60 रुपये पर आ गया। यह आज 119.25 रुपये के पिछले बंद के मुकाबले 7.51% की हानि के साथ 110.30 रुपये पर खुला।

तकनीकी संदर्भ देखें
तकनीकी के संदर्भ में, स्टॉक का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 43.6 पर है, जो यह संकेत देता है कि यह न तो ओवरबॉट में और न ही ओवरसोल्ड जोन में कारोबार कर रहा है। मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) के शेयरों में 1.5 का बीटा है, जो एक वर्ष में उच्च अस्थिरता का संकेत देता है। मणप्पुरम फाइनेंस का स्टॉक 5 दिन, 20 दिन, 50 दिन, 100 दिन और 200 दिन के मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है।

एक साल में स्टॉक में 7.3% की गिरावट आई है और इस साल की शुरुआत से 10.89% गिर गया है। एक महीने में शेयर में 17% की गिरावट आई है। फर्म के कुल 28.77 लाख शेयरों ने बीएसई पर 30.59 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

ईडी की छापेमारी में क्या मिला?
ईडी का दावा है कि छापेमारी के दौरान पता चला कि नंदकुमार ने अपनी मालिकाना फर्म, मणप्पुरम एग्रो फार्म्स (मैग्रो) के माध्यम से आरबीआई की मंजूरी के बिना सार्वजनिक जमा के रूप में मनी लॉन्ड्रिंग की। इसके अलावा बड़े पैमाने पर नकद लेनदेन के सबूत भी मिले हैं। जांच में पता चला कि मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड (MFL) की अलग-अलग शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों के माध्यम से उन्होंने अवैध रूप से पैसा इकट्ठा किया। अब उनसे जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, चार्टेड अकाउंटेंट, चीफ फाइनेंस अधिकारी आदि से पूछताछ की जाएगी। उनको अगले हफ्ते से समन भेजा जाएगा। ईडी का अनुमान है कि बकाया अवैध रूप से इकट्ठा की गई राशि 143 करोड़ रुपये के आसपास है।

ईडी के मुताबिक 53 करोड़ रुपये की राशि को नकद में लौटाया गया, जिसमें पुनर्भुगतान या केवाईसी का कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने अवैध रूप से जो राशि इकट्ठा की थी, उससे अपने, पत्नी और बच्चों के नाम से मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के शेयर खरीदे।

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