‘2022 तक सबके लिए आवास’ के लिये क्या कर रही है सरकार?
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने वादा किया था कि वर्ष 2022 तक देश के हर नागरिक के पास खुद का घर होगा। अब बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी इस बात को महज सपने जैसा ही समझता है। लेकिन एक सवाल यह भी उठता है कि '2022 तक सबके लिये आवास' के लिये सरकार क्या कर रही है?

तो सुनिये सबके लिये किफायती आवास के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवासीय वित्त क्षेत्र को बढ़ावा देने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं। यह बात हम नहीं बल्कि आवासीय और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडू ने कही है। उन्होंने एसोचैम द्वारा '2022 तक सभी के लिए आवास के वास्ते वित्तीय सहायता' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में अपनी बात रखी।
वैंकैया नायडू ने कहा कि सभी देशवासियों के लिए सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना उनके मंत्रालय की प्राथमिकता है। यह ऐसे मजबूत और स्वस्थ समुदाय के निर्माण में पहला कदम है, जहां व्यक्ति और परिवार खुशहाल हो। उन्होंने कहा कि सबके लिए आवास मिशन ब्याज दर पर आर्थिक मदद देकर मूलभूत बुनियादी सुविधाओं के साथ 30 वर्गमीटर तक के आवासों के निर्माण में सहायता करता है। उन्होंने कहा कि अच्छी आवासीय योजना के लिए राज्य सरकारें 30 वर्गमीटर क्षेत्र की सीमा पर भी लचीलापन अपना सकती हैं।
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गरीबों के लिए आवासीय निर्माण के वास्ते निजी निवेश को बढ़ावा देने के बारे में श्री नायडू ने कहा कि सरकार सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं और किफायती आवासीय परियोजनाओं के लिए लाभ पर शत-प्रतिशत की कटौती की अनुमति सहित 60 वर्गमीटर तक के आवासों पर सेवा कर से छूट जैसे कई वित्तीय प्रोत्साहन दे रही है।
मंत्री महोदय ने बताया कि मांग बढ़ाने के लिए बैंकों, आवासीय वित्तीय कंपनियों और ऐसे कई संस्थानों से आवासीय ऋण लेने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों और निम्न आय समूह के लोग 15 वर्ष के लिए 6.5 प्रतिशत की दर से ब्याज पर आर्थिक मदद पाने के योग्य हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद गलत हाथों में पहुंचने से रोकने के लिए इसे लाभार्थियों के ऋण खाते में सीधे हस्तांतरित किया जाता है।
वित्त और कॉर्पोरेट मामले राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।












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