Unitech Project: सुप्रीम कोर्ट ने लोगों से पूछा- फ्लैट चाहिए या रिफंड
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक के एमडी और प्रमोटर संजय चंद्रा को अंतरिम जमानत देने से मना कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने 16,299 घर खरीददारों से इस मामले में उनका विकल्प पूछा है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि क्या घर खरीददार फ्लैट चाहते हैं या फिर अपना पैसा रिफंड चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट को घर खरीददारों को जवाब उनका प्रतिनिधित्व कर रहे पवन एस अग्रवाल को 23 अक्टूबर तक देना है।

एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने यूनीटेक को गुरुग्राम को प्रोजेक्ट के 39 निवेशकों को हर्जाना चुकाने का निर्देश दिया था। यह हर्जाना मुकदमे के खर्च के तौर पर 80-80 हजार रुपए चुकाने को कहा गया था। यूनीटेक को यह भुगतान करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की एक पीठ ने इस मामले पर हर्जाना चुकाने का यह फैसला सुनाया गया।
आपको बता दें कि कोर्ट की तरफ से इन निवेशकों को मूलधन और उस पर 14 फीसदी सालाना दर से ब्याज पहले ही दिलवा दिया गया था। आपको बता दें कि यूनीटेक ने इन निवेशकों को 2012 में फ्लैट देने का वादा किया था, लेकिन समय पर प्लैट न देने पर इन निवेशकों ने पैसे वापस करने को कहा। इसके बाद मामला उपभोक्ता विवाद निपटारा आयोगा यानी एनसीडीआरसी में गया।
एनसीडीआरसी ने यूनीटेक को आदेश दिया था कि वह इन निवेशकों को ब्याज के साथ मूल धन वापस करे। इस आदेश को यूनीटेक ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां पर उसे ये भुगतान करने का आदेश दिया गया है। आपको बता दें कि गुरुग्राम के सेक्टर-70 में बन रहे यूनीटेक के इस प्रोजेक्ट में इन निवेशकों ने फ्लैट लेने के लिए 2010 में 16.55 करोड़ रुपए जमा किए थे।












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