Budget 2025: क्या इस बार सीतारमण के पिटारे से MSME Sector के लिए निकलेगा कुछ खास
Budget 2025: मेक इन इंडिया पहल एक दशक पहले शुरू की गई थी जिसका लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण क्षेत्र का योगदान बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना और 2025 तक 100 मिलियन अतिरिक्त औद्योगिक नौकरियाँ (लगभग 60 मिलियन से अधिक) पैदा करना था।
तत्कालीन भारतीय सरकार द्वारा 2011 में शुरू की गई राष्ट्रीय विनिर्माण नीति (एनएमपी) में भी इसी तरह का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के मुताबिक जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी का लक्ष्य अपरिवर्तित रहा है, 2010 में प्रतिशत हिस्सेदारी 17 प्रतिशत से घटकर 2023 में 13 प्रतिशत रह गया।

चुनौतियाँ और कार्यबल गतिशीलता
वित्त वर्ष 2023-24 में इस क्षेत्र के कार्यबल में 7.85 मिलियन की वृद्धि होने का अनुमान है। हालाँकि, इस कार्यबल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अर्ध-कुशल बना हुआ है, जो कृषि से गैर-कृषि नौकरियों में स्थानांतरित हो रहा है। उम्मीद की जा रही है कि 2025 के बजट का फोकस इसी पर होगा।
वैश्विक एकीकरण और व्यापार सांख्यिकी
भारत की सबसे पसंदीदा राष्ट्र (MFN) टैरिफ दर 2023 में 17% थी। यह मलेशिया के 5.6%, वियतनाम के 9.4%, थाईलैंड के 9.8% और चीन के 7.5% से काफी अधिक है। इसके अतिरिक्त, वियतनाम यूरोपीय संघ से अपने आयात को बढ़ा रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार नेटवर्क को और एकीकृत किया जा रहा है।












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