PF पर बढ़ाई गई ब्याज दरों का ये खाताधारक उठा सकते हैं अधिक फायदा, जानें कैसे?
केंद्रीय न्यास बोर्ड ने 2022-23 के लिए 8.15 फीसदी ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। इसके पहले 2021-22 के लिए ईपीएफ खाताधारकों को 8.10 फीसदी ब्याज मिलता था।

ईपीएफओ ने अपने छह करोड़ खाताधारकों को मंगलवार को बड़ा तोहफा दिया। केंद्रीय न्यास बोर्ड ने 2022-23 के लिए 8.15 फीसदी ब्याज दर को मंजूरी दे दी। बढ़ी हुई ब्याज दरों का करीब 6 करोड़ से अधिक खाताधारकों को फायदा मिलेगा। सीबीटी के निर्णय के बाद इसे वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद वर्ष 2022-23 के लिए बढ़ी हुई ब्याज दर का पैसा देश के करोड़ों खातों में डाल दिया जाएगा।
पिछले साल ईपीएफ ने ब्याज दरों को 8.10 फीसदी पर रखा जिसे अब बढाकर 8.15 फीसदी कर दिया गया है। जैसे ही नई ब्याज दरों को वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलती है। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ब्याज को पूरे देशभर में मौजूद करोड़ों ईपीएफ सब्सक्राइबर्स के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। बता दें, ईपीएफओ सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही अपने सब्सक्राइबर्स के खाते में ब्याज को क्रेडिट करता है।
वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से 2021-22 का ब्याज का पैसा अब पीएफ खाताधारकों के खातों में डाल दिया गया है। धारकों को ब्याज 8.10 प्रतिशत की दर से दिया गया है। कर्मचारी ईपीएफओ की वेबसाइट या उमंग ऐप पर अपने खाते में डाली गई राशि चैक कर सकते हैं। अपने यूएएन को डालकर खाताधारक अपनी पासबुक चेक कर सकते हैं।वहीं सरकार की इन बढ़ी हुई ब्याज दरों का कुछ खाताधारकों को अधिक लाभ मिलेगा। इन खाताधारकों में वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड के खाताधारक और ईपीएफ ट्रस्ट खाताधारको शामिल हैं।
वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड वालों को अधिक लाभ मिलेगा
सरकार द्वारा बढ़ाई गई पीएफ की ब्याज दरों का सबसे अधिक फायदा वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड वालों को मिलेगा। हालांकि वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड और सामान्य पीएफ खाताधारकों को ब्याज समान ही मिलता है, लेकिन वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड वालों को कई अन्य फायदे मिलते हैं। वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड उस पीएफ को कहते हैं जब कोई कर्मचारी पीएफ में 12 प्रतिशत से ज्यादा पीएफ जमा करवाता है ।
इस पैसे को वह पैसा सीधे वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (वीपीएफ) में डालता है। कर्मचारी चाहे तो अपनी बेसिक सैलरी का 100 प्रतिशत भी यहां जमा करवा सकता है। इससे कर्मचारी को वीपीएफ में जमा होने वाले पैसे पर ब्याज मिलता है। वीपीएफ में निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है।
ईपीएफ ट्रस्ट खाताधारकों को होगा लाभ
पीएफ पर बढ़ाई गई ब्याज दरों का अधिक फायदा ऐसे कर्मचारियों को भी मिलेगा जिनके ईपीएफ खाते ट्रस्ट की ओर से खोले गए है। कुछ कंपनियों ने कर्मचारियों के योगदान को मैनेज करने के लिए अपना पीएफ ट्रस्ट अकाउंट बनाती हैं। ऐसा करने में सक्षम इन कंपनियों को ईपीएफओ से विशेष छूट मिलती है। मौजूदा समय में लगभग 3,000 निजी पीएफ ट्रस्ट ऐसे हैं।
इन पीएफ खातों में कंपनी के 12 फीसदी कंट्रीब्यूशन में से 3.67 फीसदी कर्मचारी के पीएफ अकाउंट में जाता और बाकी 8.33 फीसदी कर्मचारी पेंशन स्कीम में जाता है। वहीं सामान्य ईपीएफ सदस्य 1.1% के प्रशासन शुल्क का भुगतान करते हैं लेकिन पीएफ ट्रस्ट के सदस्य केवल निरीक्षण शुल्क के रूप में 0.18% का भुगतान करते हैं।












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