500 टन मैगी होगी नष्ट, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाजत
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मैगी की वह मांग मान ली है, जिसमें उनसे सुप्रीम कोर्ट से पुरानी मैगी नष्ट करने की इजाजत मांगी थी। मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले ने सुप्रीम कोर्ट से आवश्यकता से अधिक लेड कंटेंट वाली करीब 500 टन मैगी को नष्ट करने की इजाजत मांगी थी। अब इजाजत के बाद कंपनी उस सारी मैगी को नष्ट कर देगी।

जून में लगा था मैगी पर बैन
जून 2015 में मैगी पर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ( एपएसएसएआई) द्वारा नेस्ले को आदेश दिया गया था कि वह देशभर में मैगी के वितरण पर रोक लगा दे।
भारत के कई हिस्सों में मैगी लैब टेस्ट में फेल हो गई थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड और दिल्ली जैसे राज्यों में मैगी पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
मैगी में एमएसजी (मोनो सोडियम ग्लूटामेट) और लेड की मात्रा स्वीकृत स्तर से अधिक पाई गई थी, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में इसके सैंपल फेल हुए और मैगी विवाद में आ गई।
नवंबर में हुई वापसी
मैगी के विवादों में आने के बाद लोगों का मैगी से भरोसा उठ गया था। इसके बाद नवंबर 2015 में मैगी ने बाजार में वापसी की और लोगों का भरोसा जीतने के लिए शानदार विज्ञापन भी जारी किए।












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