Rs 2000 Withdrawn: RBI ने क्यों लिए 2000 के नोट वापस? SBI ने अपनी रिसर्च में किया खुलासा
Rs 2000 Withdrawn: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने मुद्रा प्रबंधन ( करेंसी मैनजेमेंट) के तहत 2000 रुपये के नोटों का संचालन वापस लेने का फैसला किया था। अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपनी एक नई रिसर्च में बताया है कि रिजर्व बैंक ने डिपॉजिट्स और कंजंप्शन को बढ़ावा देने के लिए 2000 के नोट वापस लिए हैं।
एसबीआई ने रिसर्च में बताया है कि इससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की भी संभावना है। SBI ने एक रिपोर्ट में बताया है कि कैसे 2000 रुपये के नोटों की वापसी से बैंक जमा, लोन की अदायगी, खपत (कंजंप्शन), आरबीआई के खुदरा डिजिटल करेंसी उपयोग और समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सकता है।

RBI ने 19 मई 2023 को 2000 रुपये के मूल्यवर्ग के नोटों को संचालन से वापस लेने का फैसला किया था। लेकिन कानूनी तौर पर इसका अस्तित्व बना रहेगा। यानी कोई भी इसको लेने से इनकार नहीं कर सकता है। हालांकि आरबीआई ने बैंकों को तत्काल प्रभाव से ऐसे नोट जारी करने से रोकने की सलाह दी थी।
आरबीआई ने 2000 रुपये का नोट नवंबर 2016 में आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 24(1) के तहत पेश किया था। उस वक्त इस नोट को मुख्य रूप से सभी 500 रुपये और 1000 रुपये की कानूनी निविदा स्थिति को वापस लेने के बाद अर्थव्यवस्था की करेंसी की आवश्यकता को तेजी से पूरा करने के लिए लाया गया था।
2000 रुपये के बैंकनोटों को पेश करने का उद्देश्य पूरा होने के बाद 2018-19 में 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी गई थी। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने 2000 के नोटों को चलन से बाहर करने के बाद कहा था कि 2000 का नोटों में से 50 प्रतिशत 19 मई की घोषणा के बाद पहले ही सिस्टम में वापस आ गए थे।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति बैठक के बाद कहा, 'अब तक कुल मिलाकर 2000 रुपये के करीब 180,000 करोड़ रुपये के नोट वापस आ चुके हैं। उन नोटों में से लगभग 85 प्रतिशत, बैंक खातों में जमा के रूप में वापस आ गए हैं।
एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है, "हालांकि जमा के बाद कुछ राशि वापस ले ली जाएगी, लेकिन मौजूदा रुझानों को देखते हुए, इस उपाय के कारण कासा जमा में वृद्धि (1.5 लाख करोड़ रुपये) होने की संभावना है।"












Click it and Unblock the Notifications