31 पैसा बकाया रहने पर SBI ने NOC देने से किया इंकार, हाईकोर्ट से कहा-ये ग्राहकों का उत्पीड़न
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को गुजरात हाईकोर्ट ने फटकार लगाई है। दरअसल एसबीआई ने 31 पैसे का बकाया रहने पर किसान को एनओसी( NOC) देने से इंकार कर दिया, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंच गया और कोर्ट ने बैंक को फटकार लगाते हुए कहा कि ये ग्राहकों को उत्पीड़न हैं और कुछ नहीं। हाईकोर्ट ने बैंक को फटकार लगाते हुए 2 मई तक जवाब मांगा है।

क्या है पूरा मामला
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात के एक किसान ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से कर्ज लिया था, जिसका पैसा उनसे चुका किया था। लेकिन कर्जा का 31 पैसा चुकाना रह गया था। किसान ये मानकर चल रहा था कि उसने लोन का सारा पैसा चुका दिया है, लेकिन बैंक उनके लोन को बंद करने के बजाए एक्टिव ही रहा। किसान ने जब बैंक से एनओसी की मांड की तो बैंक ने ये कहकर देने से इंकार कर दिया कि अभी उसका लोन पूरा नहीं हुआ है और उसे अभी 31 पैसे चुकाने होंगे। किसान ने बैंक के कई चक्कर लगाए , लेकिन जब बैंक के अधिकारियों ने उसकी बात अनसुनी कर दी तो परेशान होकर उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद कोर्ट ने बैंक को नसीहत देते हुए कड़ी फटकार लगाई और कहा कि क्या इतनी कम रकम के लिए किसी को परेशान करना या नो ड्य़ूज प्रमाण पत्र जारी नही करना उसका उत्पीड़न नहीं है?
किसान ने अपनी याचिका में बताया कि उसने फसल लोन लिया था , जिसे उसने चुका दिया , लेकिन बैंक की ओर से उसे नो ड्यूज प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा। किसान की याचिका सुनते हुए न्यायमूर्ति भार्गव करिया ने कहा कि 31 पैसे के लिए बकाया प्रमाण पत्र जारी नहीं करना सिर्फ उत्पीड़न है और कुछ नहीं। जज ने बैंक को फटकार लगाते हुए कगा कि क्या आप जानते हैं कि 50 पैसे से कम की किसी चीज को नजरअंदाज किया जाना चाहिए। आप इस छोटी की रकम के लिए ग्राहक को परेशान कर रहे हैं।
मामला गुजरात के बाहरी इलाके खोराज गांव का है, जहां शामजीभाई पाशाभाई ने अपनी जमीन राकेश और मनोज वर्मा को बेच दी। बेचने से पहले उन्होंने फसल लोन लिया था, जिसे चुका भी दिया। जमीन के खरीदारों मनोज और राकेश ने एनओसी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए बैंक को 31 पैसे के बकाया राशि का भुगतान करने की पेशकश की, लेकिन बैंक अनसुनी करता रहा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 मई को है।












Click it and Unblock the Notifications