$2 बिलियन के मुनाफे की योजना में भतीजे सागर के 'रिश्वत नोटों' का खेल, चाचा गौतम के चहरे पर भष्ट्राचार का लेप!
Sagar Adani Bribe Notes Reveal: भारत के बड़े उद्योगपतियों में से एक अडानी ग्रुप (Adani Group) के संस्थापक और चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी पर अमेरिका की फेडरल कोर्ट में रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों का मुख्य केंद्र 30 वर्षीय 'सागर अडानी' और उनकी प्लानिंग हैं, जिनका उद्देश्य आकर्षक बिजली सौदे हासिल करना था। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को "आधारहीन" बताया है, लेकिन इस घटना ने अडानी समूह की छवि पर गहरी चोट की है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स द्वारा प्राप्त अदालती दस्तावेजों से पता चलता है कि सागर ने अपने मोबाइल फोन पर रिश्वत की रकम, बदले में खरीदी गई बिजली की मेगावाट और यहां तक कि प्रति मेगावाट रिश्वत की दर सहित सभी जानकारियां गुप्त व्हाट्सएप संदेशों में दर्ज की थीं। आइए आपको रूबरू कराते हैं कि कैसे भतीजे के चलते चाचा अडानी की छवि हो रही धूमल...

घोटाले की मुख्य बातें
रिश्वत के 'गुप्त संदेश'
- सागर अडानी पर आरोप है कि उन्होंने 2020 में व्हाट्सएप पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की गुप्त बातें लिखीं। इनमें प्रति मेगावाट रिश्वत की दर और बिजली सौदों की जानकारी दर्ज की गई थी।
अदालती दस्तावेजों के खुलासे:
- 500 मेगावाट के सौदे के लिए ओडिशा के अधिकारियों को रिश्वत दी गई।
- आंध्र प्रदेश में 7,000 मेगावाट के सौदे के लिए मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों को 200 मिलियन डॉलर की पेशकश की गई।
- जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ में भी रिश्वत की चर्चा की गई।
मुनाफे की योजना:
इस योजना के तहत 20 सालों में 2 बिलियन डॉलर का मुनाफा अर्जित करने का अनुमान था।
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Who is Sagar Adani: कौन हैं सागर अडानी?
सागर अडानी, गौतम अडानी के भतीजे और भारत के सबसे धनी परिवारों में से एक के सदस्य हैं। ब्राउन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने 2015 में अडानी समूह में शामिल होकर अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी पहचान एक तेज-तर्रार और जोखिम उठाने वाले उद्योगपति के रूप में थी, लेकिन अब उनका नाम रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों से जुड़ गया है।

अडानी समूह का पक्ष, शेयरों में भारी गिरावट
अडानी समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह सब "निराधार" है और इसका उद्देश्य समूह की छवि को नुकसान पहुंचाना है। हालांकि, गौतम अडानी, सागर अडानी, और अन्य अधिकारियों पर विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (FCPA) और प्रतिभूति धोखाधड़ी के तहत आरोप लगाए गए हैं। अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट हुई। केन्या ने अडानी ग्रुप का एक हवाई अड्डा प्रोजेक्ट रद्द कर दिया।
FAQ में समझें पूरा मामला?
सवाल: सागर अडानी पर क्या आरोप हैं?
जवाब: सागर अडानी पर रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप हैं, जिसमें उन्होंने भारतीय अधिकारियों को बिजली सौदे हासिल करने के लिए रिश्वत देने की योजना बनाई।
सवाल: घोटाले में क्या बरामद हुआ है?
जवाब: व्हाट्सएप संदेशों में रिश्वत की रकम, बिजली सौदों की जानकारी और प्रति मेगावाट रिश्वत की दर दर्ज की गई।
सवाल:अडानी समूह ने इन आरोपों पर क्या कहा?
जवाब: अडानी समूह ने इन आरोपों को "निराधार" और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बताया है।
यह मामला न केवल अडानी समूह की साख पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि भारतीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में पारदर्शिता की आवश्यकता को भी फोकस करता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अडानी समूह इन आरोपों से कैसे निपटता है और इसका भारत के ऊर्जा क्षेत्र और वैश्विक निवेश पर क्या असर पड़ता है।
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