'प्लेइंग इट माई वे' के लिए क्रेजी यूथ, कुपोषित बच्चों को मिलेगी मदद
नई दिल्ली। क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर की किताब 'प्लेइंग इट माई वे' बुधवार को दिल्ली के एक भव्य समारोह में लांच हुई। 'भारत रत्न' सचिन तेंदुलकर ने कई दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ियों की उपस्थिति में अपनी आत्मकथा 'प्लेइंग इट माई वे' का विमोचन किया। किताब तो कल लांच हुई लेकिन इसके लिए लोगो काफी दिनों से पगलाये हुए थे। सचिन की किताब का सबसे ज्यादा क्रेज युवाओं में देखा जा रहा है।
इसलिए दिल्ली, मुंबई ही नहीं बल्कि देश के कई बड़े शहरों में इस किताब को लेकर एडवांस बुकिंग चल रही है। इस बारे में खुद युनिवर्सल ने मीडिया को बताया। युनिवर्सल ने कहा कि सचिन की किताब के लिए उनके फैंस बुरी तरह से बेकरार हैं। उन्हें लगता है कि सचिन ने क्रिकेट से जुड़ी हर सच्चाई लोगों के सामने बयां की होगी।
आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर की किताब 'प्लेइंग इट माई वे' का प्रकाशन हैचेट इंडिया ने किया है, किताब सचिन तेंदुलकर की है, इसलिए इस किताब को खरीदने के लिए लोगों में होड़ मच गई है। आपको जानकर हैरत होगी कि सचिन की इस आत्मकथा ने रिलीज के पहले ही दिन हार्डबैक पुस्तक की बिक्री के भारत में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पुस्तक की हार्डबैक प्रति की एक लाख प्रतियां रिलीज की गई हैं।
हार्डबैक के अलावा सचिन की इस आत्मकथा का ईबुक संस्करण गुरुवार को रिलीज होगा। पुस्तक का मराठी, हिंदी, गुजराती, मलयालम और बांग्ला जैसी विभिन्न भारतीय भाषाओं में आडियो संस्करण भी अगले वर्ष के शुरुआत में रिलीज हो जाएगा।
खबर है कि सचिन के आत्मकथा की बिक्री से मुंबई के एक एनजीओ 'अपनालय' की मदद होगी, जो कुपोषित बच्चों की मदद करती है। मार्केटिंग मैनेजमेंट की ओर से उम्मीद जताई गई है कि सचिन की किताब करोड़ों कमायेगी जिसका एक बड़ा हिस्सा 'अपनालय' को जायेगा। सचिन इस संस्था से काफी समय से जुड़े हैं। मालूम हो कि वर्ष 1973 में स्थापित 'अपनालय' मुंबई में पांच स्लम में काम करती है।













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