क्रिप्टो निवेशकों को रूस ने दी टेंशन, केंद्रीय बैंक ने रखा बैन का प्रस्ताव
नई दिल्ली, 22 जनवरी: क्रिप्टोकरेंसी में 10 साल पहले जिसने भी निवेश किया था, वो मालामाल हो गया है, लेकिन इसका भविष्य क्या होगा? ये सवाल निवेशकों को परेशान करता रहता है। एक के बाद एक देश किप्टो करेंसी पर लगाम कसते जा रहे हैं, हालांकि चुनिंदा देशों ने इसे मान्यता भी दे दी है। अब खबर आ रही कि रूस के केंद्रीय बैंक ने रूसी क्षेत्र में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल और माइनिंग पर बैन लगाने का प्रस्ताव दिया है। उसने इस कदम के पीछे वित्तीय स्थिरता, नागरिकों की भलाई और इसकी मौद्रिक नीति संप्रभुता के लिए खतरों का हवाला दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस कई सालों से क्रिप्टोकरेंसी का विरोध कर रहा है। उसका मानना है कि निवेश का ये माध्यम बहुत ज्यादा अस्थिर है, जिसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग या आतंकवाद के वित्तपोषण में किया जा सकता है। इस पर केंद्रीय बैंक ने कहा कि पिछले कुछ सालों में क्रिप्टो के दाम तेजी से बढ़े हैं। इस वजह से ये करेंसी वित्तीय स्थिरता को बढ़ा सकती है। ऐसे में सभी वित्तीय संस्थान क्रिप्टो के लेन-देन को रोक दें। उनकी ओर से भी इस दिशा में कदम उठाया जा रहा है, जहां क्रिप्टो को ब्लॉक करने के लिए टेक्नोलॉजी विकसित हो रही। वैसे रूस के कदम से सभी हैरान हैं, क्योंकि उसने 2020 में इसे कानूनी मान्यता दी थी, लेकिन उस दौरान भी लेन-देन के लिए इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया था।
भारत का क्या है रुख?
भारत के भी क्रिप्टो निवेशक अभी चिंता में हैं, क्योंकि ना तो सरकार ने इस को गैरकानूनी बताया है और ना ही इसे मान्यता दी है। ऐसे में अगर आप चाहें तो किसी भी क्रिप्टो एक्सचेंज से इसे खरीद सकते हैं। कुछ महीनों पहले खबर आई थी कि शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार इससे जुड़ा कानून लेकर आएगी, लेकिन ऐसा कुछ ना हुआ। अब इसी तरह के कयास बजट सत्र को लेकर लगाए जा रहे हैं।












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