ऑनलाइन ग्राहकों के लिए अब उबर की ख़तरे की घंटी

Posted By: BBC Hindi
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उबर के डेटा लीक के बाद उसकी सर्विस इस्तेमाल करने वालों में हड़कंप सा मच गया है. कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पांच करोड़ ऐसे लोगों के बारे में जानकारी हैकरों के हाथ लग गई जो उसकी सर्विस का इस्तेमाल करते रहे हैं.

लीक हुए डेटा में लाखों ड्राइवरों की भी जानकारी है. उबर की सर्विस इस्तेमाल करने वालों के लिए ये बुरी खबर तो है ही. ऑनलाइन दुनिया के लिए भी ये ख़तरे की घंटी हो सकती है.

उबर की सर्विस इस्तेमाल करने के लिए लोगों को अपने बारे में पूरी जानकारी देनी पड़ती है. कई देशों में क्रेडिट कार्ड की जानकारी उबर अकाउंट पर स्टोर भी किया होता है ताकि लोगों को पैसे देते समय कोई परेशानी नहीं हो. ऐसे क्रेडिट कार्ड की जानकारी, हो सकता है, हैकरों के पास होगी.

भारत में क्रेडिट कार्ड से उबर के अकाउंट को लिंक करना ज़रूरी नहीं है. लेकिन, बैंक और मोबाइल वॉलेट कंपनियां उबर से जुड़ना चाहती है और आपको ये सुझाव देंगी कि आप उन्हें अपने एक या ज़्यादा ऐप पर रजिस्टर कर लें.

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अगर आपने कि गलती से अब ये जानकारी भी हैकरों के हाथ लग गयी होगी. बेहतर होगा कि बैंक से जानकारी लेकर आप अपने अकाउंट से लिंक करने से पहले पूरी जानकारी को बेहतर समझ लें.

ऐप डाउनलोड करने के बाद सब्सक्राइबर से कई और जानकारी भी मांगी जाती है. अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और मोबाइल वॉलेट से कनेक्ट करने पर सबसे बढ़िया डील मिलते हैं.

डेटा लीक से सावधान

इसलिए कुछ लोग क्रेडिट कार्ड की जानकारी देने को तैयार हो जाते हैं. जिन लोगों के ऑफिस के दिए हुए क्रेडिट कार्ड को ऐसे उबर के अकाउंट से लिंक किया गया है उन्हें इस डेटा लीक से सावधान हो जाना चाहिए.

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इस डेटा लीक के बारे में सबसे ज़्यादा हैरानी की बात ये है कि उबर ने इस खबर को एक साल तक दुनिया की नज़रों से छुपा कर रखा.

जब भी आप किसी भी वेबसाइट या ऐप पर अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते है तो थोड़ा सावधान ज़रूर रहिये. कम जानी मानी वेबसाइट से खरीदारी नहीं करना बढ़िया होगा.

अगर खरीदारी करनी ज़रूरी है तो कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प बहुत बढ़िया होगा. उबर जैसी सर्विस के लिए कैश भी दिया जा सकता है. और आजकल बैंकों ने ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड का नंबर आपको देना शुरू कर दिया है जिसपर पैसे खर्च करने की सीमा बहुत कम होती है.

अगर ये कार्ड का नंबर किसी को मिल भी जाए तो चंद हज़ार रुपये से ज़्यादा का नुकसान नहीं होगा.

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English summary
Risk bells for online customers now
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