आरबीआई 1 दिसंबर को लॉन्च करेगा डिजिटल रुपया, जानें कैसे कर सकेंगे लेन-देन
RBI की तरफ से 1 दिसंबर को खुदरा डिजिटल रुपए (e₹-R) का पहला पायलट लॉन्च किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक पायलट में चरणबद्ध भागीदारी के लिए आठ बैंकों की पहचान की गई है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 29 नवंबर को ऐलान किया है कि खुदरा डिजिटल रुपए (e₹-R) के लिए पहला पायलट 01 दिसंबर, 2022 को लॉन्च किया जाएगा। पायलट ने बंद उपयोगकर्ता समूह (CUG) में चुनिंदा स्थानों को कवर किया, जिसमें भाग लेने वाले ग्राहक और व्यापारी शामिल थे।

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पहले चरण के तहत चार बैंकों में होगी शुरुआत
जानकारी के मुताबिक पायलट में चरणबद्ध भागीदारी के लिए आठ बैंकों की पहचान की गई है। आरबीआई के मुताबिक पहला चरण चार बैंकों - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के साथ देश भर के चार शहरों में शुरू होगा। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक बाद में इस पायलट में शामिल होंगे।

इन शहरों के लोगों को मिलेगा सबसे पहले लाभ
RBI के मुताबिक "पायलट शुरू में चार शहरों, मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर को कवर करेगा। इसके बाद अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला तक विस्तारित होगा। पायलट का दायरा धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। RBI की तरफ से इसमें अधिक बैंकों, उपयोगकर्ताओं और स्थानों को आवश्यकतानुसार शामिल करने की बात कही गई है।

क्या है पायलट का उद्देश्य?
आरबीआई के मुताबिक पायलट कार्यक्रम का उद्देश्य "वास्तविक समय में डिजिटल रुपए के निर्माण, वितरण और खुदरा उपयोग की पूरी प्रक्रिया की मजबूती का परीक्षण करना" है। इस पायलट का आकलन करने के बाद भविष्य के पायलटों में ई-आर टोकन और आर्किटेक्चर की विभिन्न विशेषताओं और अनुप्रयोगों का परीक्षण किया जाएगा। RBI के अनुसार, e₹-R एक डिजिटल टोकन के रूप में होगा, जो कानूनी निविदा का प्रतिनिधित्व करता है। यह उसी मूल्यवर्ग में जारी किया जाएगा, जितना वर्तमान में नोट और सिक्के जारी किए जाते हैं। इसे बैंकों के माध्यम से बितरित किया जाएगा।

मोबाइल के जरिए हो सकेगा लेन-देन
आरबीआई ने कहा कि ग्राहक भाग लेने वाले बैंकों द्वारा पेश किए गए और मोबाइल फोन / उपकरणों पर संग्रहीत डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ई-आर के साथ लेनदेन करने में सक्षम होंगे। लेन-देन व्यक्ति से व्यक्ति (पी2पी) और व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) दोनों हो सकते हैं। RBI के मुताबिक व्यापारियों को भुगतान क्यूआर कोड का उपयोग करके किया जा सकता है। ई-आर भौतिक नकदी जैसे विश्वास, सुरक्षा और अंतिम निपटान जैसी सुविधाओं की पेशकश करेगा।












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