भारतीय बैंकों में है लचीलापन, मुश्किल वक्त में भी रहेगी पर्याप्त पूंजी: RBI गवर्नर
Governor Shaktikanta Das के मुताबिक कई बड़े देशों में बैंकिंग संकट आया, लेकिन भारत में ऐसा हालात नहीं बनेंगे। यहां के बैंकिंग सेक्टर में लचीलापन है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से वित्तीय लचीलापन पर एक वैश्विक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें गवर्नर शक्तिकांत दास भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारतीय बैंक लचीले हैं और गंभीर संकट के समय में भी पर्याप्त पूंजी बनाए रखेंगे।
दास के मुताबिक हाल ही में कुछ उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय अस्थिरता देखी गई, लेकिन उसका प्रभाव भारतीय बैंकिंग प्रणाली पर नहीं पड़ा, क्योंकि वो लचीली बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक भारतीय वित्तीय प्रणाली के भविष्य के प्रमाण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उसके सतत विकास के लिए जरूरी मदद उपलब्ध करवाई जा रही। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि वित्तीय क्षेत्र में सरप्राइज किसी भी वक्त आ सकता है। ऐसे में सभी हितधारक सतर्क रहें।
आपको बता दें कि अभी कुछ वक्त पहले ही सिलिकन वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक पूरी तरह से बर्बाद हो गया, जिस वजह से अमेरिका और यूरोप में वित्तीय संकट पैदा हो गया था। ऐसे में आरबीआई गवर्नर की ये टिप्पणी काफी अहम मानी जा रही है।
'संगठनात्मक रूप से मजबूत हों बैंक'
आरबीआई गवर्नर ने ये भी कहा कि आक्रामक विकास रणनीति के बजाए बैंकों को संगठनात्मक रूप से लचीला होना चाहिए। उन्होंने बैंकों को बाहरी लेखा परीक्षकों के साथ जुड़े रहने के भी सुझाव दिए।
'लोगों के पैसे से समझौता नहीं'
दास के मुताबिक बैंकों की ज्यादातर पूंजी उसमें जमा पैसा होता है। कई लोग अपनी पूरी जिंदगी की कमाई बैंक में रखते हैं। ऐसे में बेहतर गवर्नेंस के साथ ही उसका सुरक्षा की जा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साइबर अटैक पर कही ये बात
आरबीआई गवर्नर ने साइबर अटैक को लेकर चिंता जाहिर की और बैंकों से उसको लेकर आगाह रहने को कहा। उन्होंने कहा कि साइबर रिस्क को ग्लोबल फाइनेंशियल संस्थाओं के लिए 2023 में टॉप 10 ऑपरेशनल जोखिम के तौर पर देखा जा रहा है। सभी बैंक सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें।












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