होम लोन को सस्ता रखने के लिए RBI का बड़ा फैसला, आम लोगों को मिलेगा फायदा
नई दिल्ली, 08 अप्रैल। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज वित्त वर्ष 2022-23 की पहली मौद्रिक नीति का ऐलान किया। इस दौरान शक्तिकांत दास ने आम लोगों को बड़ी राहत का ऐलान किया। शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंको द्वारा लोगों को दिए गए होम लोन पर ग्राहकों को दिए जाने वाले लोअर रिस्क वेटेज की समय सीमा को एक साल के लिए और बढ़ाया जा रहा है। अब यह सुविधा होम लोन लेने वालों को मार्च 2023 तक दी जाएगी। ऐसे में आरबीआई के इस ऐलान का ग्राहकों पर क्या असर होगा, इसको लेकर लोगों के भीतर सवाल खड़े हो रहे होंगे।

रिस्क वेटेज रेशियो में
दरअसल रिजर्व बैंक ने अक्टूबर 2020 में होम लोन पर रिस्क वेटेज में बदलाव किया था, जिसके तहत 31 मार्च 20222 तक जिन लोगों को होम लोन दिया जा चुका है उनके एलटीवी रेशियो यानि लोन टू वैल्यू को इस्तेमाल करने को कहा गया था। इस रिस्क रेशियो को आरबीआई ने एक साल के लिए और बढ़ा दिया है, यानि अब बैंक इस लोन के एलटीवी रेशियो का एक साल तक और इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका सीधा लाभ घर खरीदने वाले ग्राहकों को होगा

लोन टू वैल्यू क्या होता है
इसका मतलब होता है कि आपकी प्रॉपर्टी की वैल्यू के आधार पर आपको एक लोन राशि मुहैया कराता है। मान लेते हैं कि आपकी संपत्ति की कुल कीमत 50 लाख है और बैंक आपको 40 लाख रुपए का लोन देता है तो इसका मतलब होता है कि बैंक ने आपको आपकी प्रॉपर्टी की कुल कीमत का 80 फीसदी राशि लोन दिया है। यह 80 फीसदी ही एलटीवी होता है।

क्या है एलटीवी
एलटीवी आरबीआई बैंको को तैयार करके देता है। आरबीआई के अनुसार 30 लाख रुपए तक की प्रॉपर्टी के लिए बैंक 90 फीसदी तक राशि होम लोन के लिए दे सकते हैं। जबकि 30 लाख रुपए से ऊपर और 75 लाख रुपए के भीतर की प्रॉपर्टी पर 80 फीसदी तक ही लोन दिया जा सकता है। वहीं अगर संपर्ति 75 लाख रुपए से अधिक की है तो बैंक ग्राहक को 75 फीसदी तक ही लोन दे सकता है। इसे ही एलटीवी कहते हैं।

कितना होगा रिस्क वेटेज
आरबीआई ने अक्टूबर 2020 के अपने सर्कुलर में कहा था कि अगर एलटीवी 80 फीसदी है तो उस स्थिति में रिस्क वेटेज का नियम 35 फीसदी होगा, जबकि एलटीवी 80 फीसदी से अधिक और 90 फीसदी से कम है तो इस दशा में रिस्क वेटेज 50 फीसदी होगा। आरबीआई के इस एलटीवी से बैंकों को अधिक लोन देने का प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही बैंकों की बैलेंस शीट पर अधिक दबाव महसूस नहीं होगा और अधिक से अधिक लोगों को होम लोन दे सकेंगे।

आरबीआई ने नहीं बढ़ाई ब्याज दर
आरबीआई ने अपनी मौद्रिक नीति में ब्याज दरें नहीं बढ़ाई हैं जिससे ग्राहकों को काफी राहत मिलेगी। मौजूदा समय में घर के लोन की ब्याज दर अपने निचले स्तर पर है, 2021 में हाउसिंग सेक्टर में बड़ा सुधार देखने को मिला है और लो होम लोन की दरों की वजह से लोगों का घर खरीदने का सपना सच हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आरबीआई के इस फैसले से होम लोन लेने वाले ग्राहकों को फायदा मिलेगा।












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