रतन टाटा बोले, नेतृत्व परिवर्तन से चिंतित नहीं हों अधिकारी
टाटा सन्स के चेयरमैन पद से सायरस मिस्त्री को हटाकर रतन टाटा खुद अंतरिम चेयरमैन बने हैं। इस फैसले के बाद टाटा ग्रुप के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
मुंबई। टाटा संस में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने सभी ग्रुप के सीईओ को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें नेतृत्व परिवर्तन के बारे में चिंतित होने की जरूरत नहीं है। साथ ही कारोबार पर ध्यान देने का निर्देश दिया है।

रतन टाटा की अधिकारियों से अपील
टाटा संस के चेयरमैन पद से एक दिन पहले ही सायरस मिस्त्री को हटाकर रतन टाटा खुद अंतरिम चेयरमैन बने हैं। उनके इस फैसले के बाद टाटा ग्रुप की अधिकतर कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इसके बाद टाटा संस के चेयरमैन ने मुंबई में टाटा समूह के कार्यालय में अहम बैठक की। इसमें ग्रुप ऑफ कंपनी के सभी सीईओ यानी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कारोबार पर ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि आप नेतृत्व में बदलाव को लेकर परेशान नहीं हों, अपने काम में जुटे रहें और कंपनी को आगे लेकर जाएं। रतन टाटा ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन में बदलाव कुछ वक्त के लिए किया गया है। स्थायी नेतृत्व के लिए किसी और लाया जाएगा।
'अपने काम जुटे रहे अधिकारी, कंपनी को आगे लेकर जाएं'
रतन टाटा ने कहा कि नेतृत्व कोई भी करें कंपनी लोगों के जरिए आगे बढ़नी चाहिए। बता दें कि साल 2012 में सायरस मिस्त्री को टाटा संस का चेयरमैन बनाया गया था। उनके पहले रतन टाटा ही करीब 20 से ज्यादा वर्षों तक टाटा संस के चेयरमैन रहे।
रतन टाटा ने अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि सभी कंपनी से जुड़े लोगों को बाजार में अपनी स्थिति और प्रतिद्वंद्विता के आधार पर तैयारी करनी चाहिए। उन्हें इस बात पर फोकस करना चाहिए कि उनकी कंपनी आगे बढ़े।
रतन टाटा ने कहा कि कंपनियों को अपनी तुलना कभी पुराने वक्त से नहीं करनी चाहिए। उन्हें आगे बढ़ने और नेतृत्व करने को लेकर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों में जोश भरते हुए कहा कि हमें आगे बढ़कर कंपनी को आगे ले जाने के लिए कार्य करना होगा।












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