जेटली से मिले रतन टाटा, सायरस मिस्त्री से झगड़े पर हुई बात
रतन टाटा और अरुण जेटली के बीच चली ये मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली है। हालांकि, 78 साल के रतन टाटा ने इस बारे में कुछ भी नहीं बताया कि उनके बीच में क्या बातचीत हुई।
नई दिल्ली। आज यानी मंगलवार को रतन टाटा ने अरुण जेटली से मुलाकात की है। यह मुलाकात टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री और टाटा संस के बीच चल रहे झगड़े के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए की गई थी।

रतन टाटा और अरुण जेटली के बीच चली ये मुलाकात करीब 30 मिनट तक चली है। हालांकि, 78 साल के रतन टाटा ने इस बारे में कुछ भी नहीं बताया कि उनके बीच में क्या बातचीत हुई और बातचीत का नतीजा क्या निकला।
रतन टाटा इस मुद्दे को लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मिलना चाहते हैं। आपको बता दें कि टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री भी अरुण जेटली और नरेन्द्र मोदी से मिलने की कोशिश में लगे हुए हैं।
कुछ समय पहले मोदी सरकार ने नरेन्द्र मोदी और सायरस मिस्त्री से मिलने से मना कर दिया था, क्योंकि सरकार का कहना था कि यह कंपनी का आंतरिक मामला है और इसमें वह हस्तक्षेप करना नहीं चाहती है।
24 अक्टूबर को निकाले गए थे मिस्त्री
24 अक्टूबर को सायरस मिस्त्री को टाटा ग्रुप के चेयरमैन के पद से हटा दिया गया था। मिस्त्री को इस पद पर चार साल से भी कम हुआ था, जिसके बाद उन्हें निकाल दिया गया।
मिस्त्री को पद से हटाए जाने के बाद रतन टाटा को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया। साथ ही एक पैनल बनाया गया, जिसे ये जिम्मेदारी दी गई कि वह जल्द से जल्द टाटा ग्रुप के अगले चेयरमैन की तलाश करे।
मिस्त्री ने लगाए आरोप
वहीं दूसरी ओर मिस्त्री ने आरोप लगाया है कि उन्हें गलत तरीके से निकाला गया है। यह बताया गया कि मिस्त्री को उनके खराब प्रदर्शन के चलते निकाला गया, जिसका जवाब देते हुए मिस्त्री ने रतन टाटा पर भी कई गंभीर आरोप लगाए।
अभी तक इस झगड़े का कोई हल नहीं निकल पाया है, वहीं दूसरी ओर टाटा ग्रुप के अगले चेयरमैन की तलाश भी लगातार जारी है। इस पद के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस के चेयरमैन नटराजन चन्द्रशेखरन को सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माना जा रहा है।












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