ग्रामीण और को-ऑपरेटिव बैंकों को टेक सेवा देने वाली कंपनी पर रैंसमवेयर हमला, 200 से अधिक बैंक प्रभावित
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और को-ऑपरेटिव बैंकों को टेक सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनी सी-एज टेक्नोलॉजीस लिमिटेड पर संभवत: रैंसवेयर अटैक की खबर सामने आई है।
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से 31 जुलाई को एक बयान करके इसकी जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि मुंबई स्थित सी-एज टेक्नोलॉजीज लिमिटेड कंपनी मुख्य रूप से सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सेवाएं देती है।

इस संभावित हमले को देखते हुए NPCI ने इससे प्रभावित बैंकों में सभी खुदरा भुगतानों को अस्थायी रूप से रोक दिया है। जबतक समस्या का समाधान नहीं होता है ग्राहक पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।
NPCI के एक अधिकारी ने बताया कि इस संभावित साइबर हमले से सिर्फ छोटी RRB और सहकारी बैंक ही प्रभावित हैं। अधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि कल तक समस्या का समाधान हो जाएगा।
भारतीय स्टेट बैंक द्वारा प्रायोजित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के एक अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि यह मामला 29 जुलाई को सामने आया था। इससे मुख्य रूप से यूपीआई की सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
नकदी व्यवस्था में हमें कोई समस्या नहीं दिख रही है। केवल एनपीसीआई सेवाओं के लिए मुख्य रूप से यूपीआई, एईपीएस (आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली) पर प्रभाव पड़ रहा है।
सी-एज टेक्नोलॉजीज पर हुए साइबर हमले से देशभर के करीब 200 सहकारी बैंक और आरआरबी प्रभावित होंगे। प्रभावित संस्थाओं के लिए NPCI ने C-Edge Technologies द्वारा दी जाने वाली भुगतान सेवाओं को अस्थायी रूप से अलग कर दिया है।
कुछ RRB, अपने प्रायोजक बैंकों के आधार पर, अलग-अलग तकनीकी सेवा प्रदाताओं का उपयोग करते हैं। इसलिए संभावना है कि कुछ क्षेत्रों में कुछ RRB सामान्य रूप से काम करना जारी रखेंगे।
सी-एज टेक्नोलॉजीज के इस सिस्टम ब्रीच की खबर सामने आने के बाद दो दिनों से यह समस्या जारी है। रैनसमवेयर हमले की सटीक प्रकृति और सीमा की अभी भी जांच की जा रही है। एनपीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। उम्मीद है कि कल तक समस्या का हल हो जाएगा।












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