रेल यात्रियों की जेब से अपना खजाना भरने की तैयारी में सरकार, आजमाया हुआ है ये आइडिया
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से 'गिव इट अप' का विकल्प दिए जाने के बाद करीब एक करोड़ ज्यादा लोगों ने इसे चुना और एलपीजी सब्सिडी छोड़ने का फैसला लिया। इसी कैंपेन को अब रेलवे भी अपनाने जा रहा रहा है।
नई दिल्ली। रेल मंत्रालय एक खास अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। एलपीजी गैस सब्सिडी छोड़ने के पेट्रोलियम मंत्रालय के अहम विकल्प की तर्ज पर ही रेल मंत्रालय भी अब 'गिव इट अप' कैंपेन की शुरुआत करेगा। इस कैंपेन के तहत यात्रियों से रेल सब्सिडी छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा। दरअसल भारतीय रेलवे यात्रियों को रेल टिकट पर सब्सिडी देता है। इससे भारतीय रेलवे पर काफी बोझ पड़ रहा है। इससे उबरने के लिए रेलवे इस अभियान लेकर आ रहा है।
यात्रियों के लिए 'गिव इट अप' कैंपेन

यात्रियों को मिलेगा सब्सिडी छोड़ने का विकल्प
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से 'गिव इट अप' का विकल्प दिए जाने के बाद करीब एक करोड़ ज्यादा लोगों ने इसे चुना और एलपीजी सब्सिडी छोड़ने का फैसला लिया। इसी कैंपेन को अब रेलवे भी अपनाने जा रहा रहा है। माना जा रहा है कि अगस्त में रेल मंत्रालय इस कैंपेन की शुरुआत कर देगा। इस कैंपेन में यात्रियों को रेल यात्रा पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ने का विकल्प होगा।

अगस्त से रेलवे शुरू करेगा 'गिव इट अप' कैंपेन
वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अगस्त से रेल यात्रियों को इस रेलवे सब्सिडी छोड़ने का विकल्प मिलेगा। इसमें यात्रियों को 100 फीसदी सब्सिडी छोड़ने, 50 फीसदी सब्सिडी छोड़ने और सब्सिडी लेने का विकल्प मिलेगा। अब ये यात्रियों पर निर्भर करेगा कि वो इनमें से कौन से विकल्प को चुनते हैं। रेलवे को उम्मीद है कि इससे रेलवे पर बढ़ रहा बोझ कुछ कम हो जाएगा।

यहां से रेलवे को मिला ये आइडिया
रेलवे की ओर से बताया गया कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु को ये विचार उस समय आया जब अवतार कृष्ण खेर नाम के एक यात्री ने टिकट बुक कराया। उन्होंने आईआरसीटीसी की वेबसाइट से अपना रेल टिकट बुक कराया था। जब उन्होंने रेल टिकट का देखा तो उसमें इस बात का जिक्र था कि क्या आप जानते हैं कि आपके किराए का 43 फीसदी देश के आम नागरिक वहन करते हैं। इसी के बाद अवतार कृष्ण खेर ने रेल टिकट पर मिली सब्सिडी को लौटाने का फैसला किया। उन्होंने तुरंत ही करीब 950 रुपये का चेक बनाकर रेलवे को भेज दिया। रेलवे को उम्मीद है कि अगर दूसरे यात्री भी इस तरह से सब्सिडी छोड़ेंगे तो उससे रेलवे पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ कम होगा।

रेल पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने में मिलेगी मदद
रेलवे के मुताबिक वर्तमान में यात्री किराए में रेलवे का जितना खर्च होता है, उसमें वह यात्रियों से महज 57 फीसदी किराया ही वसूलता है। करीब 43 फीसदी सब्सिडी यात्रियों को उनके टिकट पर मिलती है। मंत्रालय का कहना है कि यात्री किराये में बढ़ोतरी नहीं होने से रेलवे पर बोझ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में रेलवे को उम्मीद है कि सब्सिडी छोड़ने के विकल्प से रेलवे को बड़ा फायदा मिलेगा। यात्री भी 'गिव इट अप' कैंपेन में शामिल होकर इसे सफल बनाएंगे।












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