बच्चे की जान बचाने को फुल स्पीड में दौड़ाई ट्रेन, लोग कर रहे हैं रेलवे की तारीफ

नई दिल्ली। अक्सर अपनी लेट लतीफी के लिए लोगों की आलोचनाओं के केंद्र में आने वाली रेलवे ने इस बार कुछ ऐसा काम किया है, जिसे जानकर आप रेलवे की तारीफ करते नहीं थकेंगे। साढ़ें तीन साल के बच्चे की जान बचाने के लिए ट्रेन के लोको पायलट ने जो किया उसे जानकर आपके दिल से उसके लिए दुआ निकलेगी। ट्रेन में मौजूद टीटीई और लोकोपायलट ने ट्रेन में सफर कर रहे बच्चे की जान बचाने के लिए ट्रेन को फुल स्पीड से दौड़ा दी और तय वक्त से 20 मिनट पहले ही ट्रेन को स्टेशन पर पहुंचा दिया।

 रेलवे की तारीफ

रेलवे की तारीफ

घटना 2016 की है, लेकिन तीन बाद अचानक से एक बार फिर से वायरल हो गई है। मुंबई-शिरडी पैसेंजर ट्रेन ने सफर करने वाले मीनाकेतन ने अपनी कहानी अपने फेसबुक वॉल पर लिखी, जिसे रेलवे ने अब शेयर किया। रेलवे द्वारा इसे शेयर किए जाने के बाद से ये कहानी देखते ही देखते वायरल हो गई। लोग रेलवे की तारीफ करने लगे।

 बच्चे की जान बचाने के लिए फुल स्पीड में दौड़ाई ट्रेन

बच्चे की जान बचाने के लिए फुल स्पीड में दौड़ाई ट्रेन

ओडिशा के रहने वाले मीनाकेतन ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा कि 27 मई 2016 काको वो अपने परिवार के साथ मुंबई से साईनगर शिरडी ऱास्ट पैसेंजर ट्रेन (51033) से सफर कर रहे थे। सफर के दौरान अचानक उनके बेटे की तबियत बिगड़ गई। बच्चे की हालात लागातार बिगड़ती जा रही थी। मीना ने फौरन इसकी सूचना ट्रेन में मौजूद टीटीई को दी। टीटीई ने बच्चे की हालात देखी और मामले की गंभीरता तो समझ गया। मीनाकेतन ने लिखा कि उन्होंने पाया कि ट्रेन की स्पीड अचानक बढ़ गई है। ट्रेन पूरी रफ्तार से दौड़ने लगी और अहमदाबाद स्टेशन पर समय से 20 मिनट पहले ही पहुंच गई। इतना ही नहीं मीनाकेतन के मुताबिक उनकी बेगी के बाहर रेलवे के कई कर्मचारी मौजूद थे , जिन्होंने फौरन उनके बेटे को ऐंबुलेंस में बिठाया और पास के अस्पातल में भर्ती करवाया। मीनाकेतन के मुताबिक 10 मिनट के भीतर वो अस्पातल पहुंच गए और शाम होते-होते तक उनका बेटा ठीक होने लगा।

 टीटीई ने करवाई डिलिवरी

टीटीई ने करवाई डिलिवरी

मीनाकेतन ने भावुक पोस्ट के जरिए ट्रेन के लोकोपायलट, टीटीई और रेलवे का धन्यवाद दिया। लोग इस पोस्ट को खूब शेयर कर रहे हैं और रेलवे की तारीफ कर रहे हैं। हाल ही में एक ऐसी ही घटना सामने आई थी जब चलती ट्रेन में महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। टीटीई ने ट्रेन में डॉक्टर को खोजने की कोशिश की, लेकिन जब डॉक्टर नहीं मिला तो सहयात्रियों के साथ मिलकर महिला की डिलीवरी करवाई। रेलवे ने टीटीई के काम की सराहना करते हुए ट्वीट किया , जिसके बाद लोग रेलवे और टीटीई की तारीफ करने लगे।

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