राहत भरी खबर: मोदी सरकार का तोहफा, नौकरी गंवाने वालों का 2022 तक मिलेगा PF का पैसा, जानें क्या है स्कीम
राहत भरी खबर: नौकरी गंवाने वालों का 2022 तक मिलेगा PF का पैसा, जानें क्या है स्कीम
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने उन तमाम नौकरीपेशा लोगों को बड़ा तोहफा दिया है, जिनकी नौकरी कोरोना महामारी के दौरान चली गई। मोदी सरकार ने बड़ी राहत देते हुए पीएफ अंशदान का भुगतान करने का फैसला किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान नौकरी गंवाने वालों को साल 2022 तक पीएफ देने का फैसला किया है। सरकार ने हाल ही में इसे लेकर घोषणा की है, जिसके मुताबिक कोरोना महामारी के दौरान नौकरी गंवाने वाले के ईपीएफओ खाते में वो 2022 तक अंशदान जमा करेगी। सरकार ने आत्मनिर्भर योजना क तहत इस स्कीम की घोषणा की। वित्त मंत्री ने अब इस योजना में उन लोगों को शामिल किया है जिनकी नौकरी लॉकडाउन में चली गई और वो अब वापस नौकरी में लौट चुके हैं।

EPFO अंशधारकों को तोहफा
सरकार ने उन लोगों को तोहफा दिया है, जिसकी नौकरी कोरोना महामारी और लॉकडाउन के समय चली गई। वित्त मंत्रालय ने इसे लेकर घोषणा की थी, हालांकि ये लाभ सिर्फ उन्हीं को मिलेगा, जिन्होंने ईपीएफओ में रजिस्ट्रेशन किया होगा। सरकारने कहा है कि ऐसे लोग जो पहले से ईपीएफओ के अंशधारक हैं, लेकिन कोरोना महामारी के दौरान उनकी नौकरी चली गई, अब उन अंशधारकों के पीएफ अंशदान का भुगतान करेगी। साल 2022 तक सरकार उन अंशधारकों को भुगतान करने की घोषणा की है। सरकार ने ये भी घोषणा की है कि ईपीएफओ को इंप्लॉयर के हिस्से का अंशदान भी सरकार ही करेगी।

इन दो बातों का रखें ख्याल
सरकार ने फैसला किया है कि कोरोना महामारी कगे दौरान नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों के पीएफ अंशदान का हिस्सा सरकार भरेगी। इस योजना का लाभ सिर्फ वहीं उठा सकेंगे, जो पहले से रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। यानी जिन कर्मचारियों का पंजीकरण पहले से ईपीएफओ के साथ है वहीं इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। वहीं इस स्कीम का लाभ केवल उन्हीं इंप्लाई को मिलेगा, जो वापस संगठित क्षेत्र में किसी न किसी काम पर लौट चुके हैं। वित्त मंत्री ने इसके बारे में घोषणा करते हु कहा कि जिन कर्मचारियों ने लॉकडाउन के समय नौकरी गंवाई और औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों में काम करने के लिए फिर से बुला लिया गया हो, सरकार उनकी मदद करेगी और ईपीएफओ का अंशदान कर्मचारी की ओर से खुद भरेगी ।

मार्च 2022 तक बढ़ी डेडलाइन
सरकार ने आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत कर्मचारियों इस स्कीम की घोषणा की। सरकार ने पहले इस योजना को 30 जून 2021 के लिए शुरू किया, लेकिन अब इसे बढ़ाकर मार्च 2022 तक के लिए कर दिया गया है। वित्तमंत्री ने अब इस स्कीम से उन लोगों को भऊी जोड़ दिया है, जिन्होंने कोरोना काल में नौकरी गंवाई, लेकिन वापस काम पर लौट चुके हैं।












Click it and Unblock the Notifications