महामारी ने देश की तोड़ी कमर, लोग सोना गिरवी रखने को मजबूर, बैंकों ने बांटा 62,000 करोड़ का रिकॉर्ड गोल्ड लोन
नई दिल्ली, 01 जुलाई। कोरोना महामारी के समय देश संकट के दौर से गुजर रहा है। तकरीबन डेढ़ साल से कोरोना के चलते लोगों के उद्योग-धंधे, नौकरी, व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। जिस तरह से लंबे समय तक देश में लॉकडाउन रहा उसकी वजह से लोगों को भारी वित्तीय किल्लत से गुजरना पड़ा, लोगों के सामने पैसों की जबरदस्त किल्लत आई, जिसके चलते पिछले 12 महीनों में देश में रिकॉर्ड संख्या में लोगों को अपना सोना गिरवी रखना पड़ा और इसके बदले उन्हें लोन लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।

कैश किल्लत के चलते लोगों ने गिरवी रखा सोना
बैंकों द्वारा लोगों ने रिकॉर्ड मात्रा में गोल्ड लोन लिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़े के अनुसार बैंकों ने रिकॉर्ड 62101 करोड़ रुपए का गोल्ड लोन लोगों को दिया है। पिछले साल मई 2020 तक एक साल में लोगों ने 15686 करोड़ रुपए का लोन लिया था, वहीं मई 2020 के बाद मई 2021 के बीच गोल्ड लोन की राशि बढ़कर 62101 करोड़ रुपए तक पहुंच गई, यानि पिछले एक साल में 46415 करोड़ रुपए का गोल्ड लोन लोगों ने बैंकों से लिया है। मार्च 2020 के बाद जबसे देश में कोरोना महामारी ने दस्तक दी है उसके बाद से गोल्ड लोन में रिकॉर्ड 86.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आरबीआई के आंकड़े के अनुसार गोल्ड लोन की राशि बढ़कर 33308 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।

सरकारी बैंक भी गोल्ड लोन देने में आए आगे
देश के शीर्ष बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि गोल्ड लोन साफ तौर पर दर्शाता है कि किस स्तर तक बैंक लोगों को गोल्ड लोन मुहैया करा रहे हैं। अगर आप गोल्ड लोन कंपनी जैसे मुथूट फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस जैसी कंपनियों के आंकड़ों को भी शामिल कर लें तो यह संख्या बहुत बड़ी है। बैंक में गोल्ड लोन में जबरदस्त बढ़ोतरी सामने आई है, इसकी बड़ी वजह यह है कि गोल्ड लोन लेना काफी आसान होता है। इससे पहले सरकारी बैंक गोल्ड लोन देने में बहुत ज्यादा रुचि नहीं दर्शाते थे, लेकिन अब इन बैंकों ने भी इसे बड़े अवसर के रूप में देखा है।

स्टेट बैंक ने दिया सर्वाधिक गोल्ड लोन
देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में गोल्ड लोन देने में वित्त वर्ष 2020-21 में रिकॉर्ड 465 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। बैंक ने पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड 20987 करोड़ रुपए का गोल्ड लोन बांटा है। गोल्ड लोन की ब ढ़ती मांग इस बात का इशारा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग काफी मुश्किल में हैं, जिन लोगों की आय कम है या फिर जिनके छोटे व्यवसाय हैं उन्हें कैश की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। स्टेट बैंक 7.50 फीसदी पर लोगों को गोल्ड लोन मुहैया करा रहा है, इसके बदले में बैंक लोगों से गोल्ड को सुरक्षा के तौर पर अपने पास जमा कर लेता है, ताकि अगर किश्त या रकम के भुगतान में किसी भी तरह की गड़बड़ी हो तो बैंक इस गोल्ड से इसकी भरपाई करे।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है गोल्ड लोन
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार गोल्ड को उधार पर रखकर पैसे लेने का चलन काफी लंबे समय से चला आ रहा है। भारत में जब लोगों को स्वास्थ्य समस्या होती है, शादी, पढ़ाई आदि के लिए पैसों की जरूरत होती है तो लोग गोल्ड को गिरवी रखकर पैसे उधार लेते हैं। पिछले एक साल में बैंक और गैर बैंकिंग संस्थाओं के द्वारा बड़ी मात्रा में लोगों को गोल्ड लोन दिया गया है। महामारी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर इसका काफी बुरा असर पड़ा है, ऐसे में संभावना है कि कुल गोल्ड लोन वित्त वर्ष 2021 में 405,100 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है, जोकि वित्त वर्ष 2020 में 344800 करोड़ था।

मणप्पुरम ने बांटा रिकॉर्ड गोल्ड लोन
मणप्पुरम फाइनेंस ने पिछले एक साल में 263833.15 करोड़ रुपए का गोल्ड लोन दिया है, जोकि इससे पहले 168,909.23 करोड़ रुपए था। 31 मार्च 2021 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो 25.9 लाख लोगों ने गोल्ड लोन लिया है। गोल्ड की कीमतों में 10-12 फीसदी की गिरावट के बावजूद मुथूट फाइनेंस हर तिमाही में गोल्ड लोन को तकरीबन 4 फीसदी तक बढ़ाने में सफल हुआ है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद गोल्ड लोन की मांग बनी रहने की संभावना है,क्योंकि लोग कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं।












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