खस्ताहाल पाकिस्तान, FDI के मामले में निचले स्तर पर पहुंचा,भारत ने बनाया रिकॉर्ड
नई दिल्ली। पाकिस्तान की हालत खस्ताहाल हो चुकी है। कमतोड़ मंहगाई, तेल की आसमान छूती कीमतों, राजनीतिक अस्थिरता, और गहरे आर्थिक संकट के कारण पाकिस्तान के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। भारी आर्थिक और कर्ज के बोझ तले दबे पाकिस्तान के पास सिर्फ 10 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। यानी अगर उसके पास फंड का इंतजाम नहीं हुआ तो उसे खरीद के लिए भी पैसे नहीं बचेंगे। आयात बाधित होगी और वहीं स्थिति बनती जाएगी जो श्रीलंका का हुआ।

अगर विदेशी निवेशकों की बात करें तो प्रत्यक्ष विदेश हासिल करने में पाकिस्तान फिसलता जा रहा है। पाकिस्तान में FDI की हालत देखें तो वो बुरे स्तर पर पहुंच चुका है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक पाकिस्तान में अप्रैल 2021 केो मुताबिक 2022 में प्रत्यक्ष विदेश निवेश में 0.9 फीसदी की मार्जिनल बढ़ोतरी देखने को मिली है।
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के नेट FDI में जहां वित्तीय वर्ष के पहले 10 महीने में 1.6 फीसदी की गिरावट आ चुकी है तो वहीं एफडीआई की प्रवाह में 21.6 फीसदी का डाउनफॉल हो चुका है।
वहीं भारत का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। दुनियाभर के निवेशकों के लिए भारत निवेश का पसंदीदा स्थल बन चुका है। यहां का बाजार निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाएं और निवेश की सुरक्षा सबसे बड़ी वजह है। अर्थव्यवस्था में बेहतर ग्रोथ की संभावना देखते हुए भारत में विदेश निवेश लगातार बढ़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत में रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेश निवेश यानी एफडीआई (FDI) 83.57 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।












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