IRCTC से ट्रेन का टिकट बुक करवाते समय 22 फीसदी ट्रांजेक्शन हो जाते हैं फेल
देश में केंद्र सरकार डिजिटल बैंकिंग पर जोर दे रही है। पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय लोगों को तकनीकी खामियों से जूझना पड़ रहा है।
मुंबई। देश में केंद्र सरकार डिजिटल बैंकिंग पर जोर दे रही है। पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय लोगों को तकनीकी खामियों से जूझना पड़ रहा है।


लगभग 1.02 करोड़ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन फेल हुए
रेलवे की ई-टिकटिंग वेबसाइट इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) पर पिछले वर्ष के मुकाबले वर्ष 2016-17 में ट्रांजेक्शन फेल होने की दर 22 प्रतिशत बढ़ तक गई है। आईआरसीटीसी वेबसाइट के जरिए हर दिन लगभग 55 फीसदी आरक्षित टिकटों की बुकिंग होती है। कुछ वर्षों पहले आईआरसीटीसी ने अपना सिस्टम अपग्रेड किया था पर विशेषज्ञों की राय के मुताबिक यदि ट्रांजेक्शन फेल होने के रेट को शून्य फीसदी तक लाना है, तो आईआरसीटीसी को अपना सिस्टम और बेहतर करना होगा। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में आईआरसीटीसी के जनरल मैनेजर (सूचना प्रद्योगिकी) मृत्युंजय तिवारी ने बताया कि 2016-17 में लगभग 1.02 करोड़ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन फेल हुए थे जबकि 2015-16 में यह आंकड़ा 83.64 लाख था।

आरटीआई के तहत हुआ खुलासा
टीओआई की खबर के मुताबिक आरटीआई के तहत जानकारी मांगने वाले डोंबिवली निवासी राकेश दफ्तरी ने बताया कि मुझे कल्याण से कोयंबटूर के लिए तीन बर्थ बुक करनी थी। इस प्रक्रिया में तीन बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन फेल हो गया और मेरे बैंक अकाउंट से पैसे कट गए। इस घटना के बाद मैंने यह जानने का फैसला किया कि मेरी तरह कितने लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन फेल होन जाने का शिकार हो जाते हैं। इस तरह फेल ट्रांजैक्शन होने के बाद आईआरसीटीसी की ओर से बुकिंग करने वाले के बैंक खाते में 3-4 दिनों के अंदर पैसे जमा करा दिए जाते हैं पर कुछ मामलों में बुकिंग करने वालों को और भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ट्रांजेक्शन फेल हो गया
मीरा रोड निवासी सोहेल अहमद ने बताया कि मेरे बेटे ने आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट बुकिंग करने की कोशिश की पर ट्रांजेक्शन फेल हो गया। इसके बाद हम दूसरा ट्रांजेक्शन करने की स्थिति में नहीं थे क्योंकि बैंक खाते से पैसे निकल गए और दूसरे ट्रांजेक्शन के लिए पैसे ही नहीं बचे। हमें किसी और से हमारे बैंक खाते में पैसा जमा कराने की गुजारिश करनी पड़ी।

फेल होने संभावना शून्य हो जाती है
आईआरसीटीसी के जनसंपर्क अधिकारी संदीप दत्ता ने बताया कि ट्रांजेक्शन फेल होने का कारण कई बार बैंक के सर्वर पर भी निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि हम अपने सिस्टम को अपग्रेड करने में जुटे हुए हैं। आईआरसीटीसी के अनुसार यदि कोई बुकिंग करने वाला आईआरसीटीसी के वॉलेट से ट्रांजेक्शन करता है, तो फेल होने संभावना शून्य हो जाती है।
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