ऑनलाइन लोन ऐप का फर्जीवाड़ा, सोशल मीडिया पर वित्त मंत्री से लगाई गुहार, खुद निर्मला सीतारमण ने लिया एक्शन
Online Loan App Fraud: ऑनलाइन ऐप के जरिए लोन लेना अक्सर लोगों को मुश्किल में डाल सकता है। ये ऑनलाइन ऐप लोगों को काफी महंगी दर पर लोन मुहैया कराती है और लोन की ईएमआई के भुगतान में होने वाली देरी के लिए ग्राहक को धमकी तक देते हैं।
यही नहीं इस तरह के कई ऐप लोगों के साथ फर्जीवाड़ा भी करते हैं। इसी तरह का एक ताजा मामला सामने आया है, जिसकी शिकायत देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तक पहुंची है।

वित्तमंत्री से मांगी मदद
वित्त मंत्री से एक व्यक्ति ने संपर्क करके उनसे मदद मांगी है। पीड़ित का कहना है कि उसने किसी भी तरह का लोन नहीं लिया है, बावजूद इसके उसे लगातार फोन कॉल आ रहे हैं। उसके साथ ही फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पीड़ित व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर वित्त मंत्री को टैग करके लिखा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी नावी फाइनेंस नाम का फाइनेंस ऐप मुझे लगातार फोन करके शोषित कर रहा है, बावजूद इसके कि मैंने कोई लोन नहीं लिया है।
किसी ने लोन लेने के बाद मेरा फोन नंबर दे दिया। कृपया मदद कीजिए, मुझे कई फोन मिल रहे हैं, मेरा शोषण किया जा रहा है, गाली-गलौच की जा रही है, कृपया मेरी मदद कीजिए।
वित्तमंत्री ने कार्रवाई का दिया निर्देश
यूजर के पोस्ट पर वित्तमंत्री ने जवाब देते हुए डीएफएस से इस शिकायत पर कार्रवाई करने को कहा है। वहीं नावी ऐप की ओर से भी इस पोस्ट पर जवाब दिया गया है। जिसमे कहा गया है कि हमने इस मामले में मदद के लिए आपको डीएम किया है। हम आपसे सहयोग की अपेक्षा करते हैं।
कुछ वर्ष से आ रहे ऐसे मामले
गौर करने वाली बात है कि पिछले कुछ वर्षों से इस तरह के कई मामले सामने आए हैं जिसमे ऑनलाइन ऐप से लोगों ने लोन लिया तो इन ऐप वालों ने लोगों को ईएमआई नहीं चुका पाने पर धमकी देना शुरू कर दिया। ये लोग उनके परिवार के रिश्तेदारों और दोस्तों को फोन करते थे। सामाजिक बदनामी के डर से आत्महत्या तक के मामले सामने आ चुके हैं।
1100 चायनीज ऐप की बात आई थी सामने
गौर करने वाली बात है कि पिछले वर्ष भारत में तकरीबन 1100 डिजिटल लोन ऐप्स की बात सामने आई थी। इसमे से तकरीबन 600 गैरकानूनी रूप से ऑपरेट कर रहे थे। ये अधिकतर चाइनीज ऐप्स थे। जिसके बाद 2021 से 2022 के बीच इन ऐप्स के 12907 रिकवरी एजेंट्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया। ये चाइनीज ऐप 15 से 45 फीसदी की दर से लोन देते थे।
ऑनलाइन माध्यम से लोन मुहैया कराने वाली इन ऐप्स पर गूगल ने पिछले साल बड़ी कार्रवाई करते हुए नई गाइडलाइन जारी की थी। इस गाइडलाइन में कहा गया कि लोन मुहैया कराने वाले ऐप्स को यूजर्स के फोन की पूरी जानकारी मुहैया नहीं कराई जाएगी। लिहाजा इन ऐप्स को यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी फोन से नहीं मिल पाएगी।












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